उन्नाव। फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के ग्राम लोनारपुर स्थित माता भुवनेश्वरी देवी मंदिर सिद्धपीठ में चल रहा शतचंडी महायज्ञ शुक्रवार को पूर्ण आहुति के साथ संपन्न हो गया। समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भोर में पीठाधीश्वर नीरज स्वरूप ब्रह्मचारी ने गंगा तट सरैया घाट पर वैदिक विधि-विधान से संन्यास ग्रहण किया। आचार्य अरविंद द्विवेदी, शिवम द्विवेदी व अन्य आचार्यों ने नांदीमुख श्राद्ध, विरजाहोम व शिखा-सूत्र त्याग की प्रक्रिया संपन्न कराई। इसके बाद उनके गुरु, अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज ने उन्हें संन्यास दीक्षा दी। दंड धारण करते ही उनका नाम दंडी स्वामी निरंजन आश्रम महाराज हो गया।
एक सप्ताह से चल रहे शतचंडी महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर आयोजित भंडारे में संत समाज, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान सैकड़ों कन्याओं का पूजन भी किया गया।
