सरसौल,कानपुर।महाराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नजफगढ़ गांव में रविवार को रिश्तों और हालात से हारी एक मां ने अपनी दो मासूम बेटियों के साथ दुनिया छोड़ दी। जहरीला पदार्थ खाने से मां-बेटियों की हैलट अस्पताल में मौत हो गई। एक साथ तीन मौतों से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है।
तलाक के बाद मायके में कर रही थी मजदूरी।
नजफगढ़ निवासी रामपाल गुजरात की कपड़ा फैक्ट्री में काम करते हैं। उनकी बेटी चांदनी लगभग (34) की शादी 11 साल पहले मैनपुरी के करहल निवासी राकेश से हुई थी। दो बेटियां पायल 8 और ब्यूटी (6) होने के बाद पति की मारपीट से तंग आकर चांदनी 5 साल पहले मायके आ गई थी। 3 साल पहले पंचायत में तलाक हो गया और तब से वह बेटियों के साथ मायके में रहकर मजदूरी कर उनका पालन-पोषण कर रही थी।
सुबह खाया जहर, अस्पताल में तोड़ा दम।
भाई धर्मेंद्र के मुताबिक रविवार सुबह चांदनी ने दोनों बेटियों के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन आनन-फानन में तीनों को हैलट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
वजह साफ नहीं, जांच में जुटी पुलिस।
सूचना पर डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुबह 11 बजे हैलट से सूचना मिली थी। परिजनों से पूछताछ की गई है, लेकिन आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। परिजन शवों को घर ले गए थे, अब पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
मेहनती थी चांदनी।
ग्रामीणों ने बताया कि चांदनी बेहद मेहनती थी। बेटियों को बेहतर जिंदगी देने के लिए वह दिन-रात मजदूरी करती थी। परिवार के एक हिस्से में भाई धर्मेंद्र पत्नी और दो बेटियों के साथ रहते हैं, जबकि दूसरे हिस्से में चांदनी बेटियों संग रहती थी।




