विकसित राजस्थान@2047 में सुशासन और नागरिक-केंद्रित प्रशासन अहम: मुख्य सचिव

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जयपुर,राजस्थान।वी. श्रीनिवास ने कहा कि ‘विकसित राजस्थान@2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में गुड गवर्नेंस और सिटीजन सेंट्रिक प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि राज्य समावेशी विकास, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग और सतत विकास के जरिए ‘विकसित भारत@2047’ में अपना प्रभावी योगदान दे रहा है।
शनिवार को आरआईसी जयपुर में “विकसित राजस्थान@2047: गवर्नेंस ट्रांसफॉर्म्ड” विषय पर आयोजित चर्चा में मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान अपने संसाधनों, स्वच्छ ऊर्जा क्षमता, पर्यटन, कृषि और रणनीतिक स्थिति के कारण देश के विकास में निर्णायक भूमिका निभाने की स्थिति में है।
उन्होंने कहा कि राज्य का विकास मॉडल समावेश, समानता, स्थिरता और सुशासन पर आधारित है। ‘अमृत काल’ (2022-2047) को परिवर्तनकारी दौर बताते हुए उन्होंने अगले 25 वर्षों के लिए परिणाम-आधारित सुशासन एजेंडा अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य का सुधार ढांचा ‘GYAN’—गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति—पर आधारित है, जिससे इन वर्गों को सशक्त बनाने और बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि ‘विकसित राजस्थान@2047’ विज़न डॉक्यूमेंट अक्टूबर 2025 में लॉन्च किया गया था, जो राज्य को समृद्ध और समावेशी विकास का मॉडल बनाने का रोडमैप प्रस्तुत करता है। इस दौरान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इसे भविष्य के लिए स्पष्ट प्रतिबद्धता बताया था।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य 2028-29 तक 350 अरब डॉलर और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इसके लिए कृषि, उद्योग, पर्यटन, हरित ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और डिजिटल गवर्नेंस को प्रमुख आधार बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि ‘राज-उन्नति’, एआई आधारित सेवाएं, डिजिटलीकृत भूमि रिकॉर्ड, परियोजना निगरानी और शिकायत निवारण जैसे सुधारों के जरिए प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है।
साथ ही ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार के तहत राज्य ने 350 से अधिक सुधार लागू कर देश के शीर्ष राज्यों में स्थान बनाया है। ‘राजस्थान जन विश्वास अध्यादेश 2025’ के माध्यम से कई कानूनों को सरल बनाकर निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान 2024’ के तहत 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए, जिनमें से 8.15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य की रणनीति तेज विकास के साथ-साथ बेहतर नागरिक सुविधाएं, कनेक्टिविटी, सामाजिक सुरक्षा और जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।


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