जो परमात्मा से प्रेम करता है, उसका अमंगल कभी नहीं हो सकता

0
102

उन्नाव।बांगरमऊ नगर के न्यू कटरा स्थित माता दुर्गा मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस नैमिषारण्य तीर्थ के विख्यात कथा व्यास गोविंदाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालु भक्तों को उपदेश दिया कि धन संग्रह में इतना अधिक लिप्त न हों कि परमात्मा भूल बैठो। जो प्राप्त है, वही पर्याप्त है।
नगर के मोहल्ला न्यू कटरा के सभासद हरिओम तिवारी और उसके सहयोगियों द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आज़ शनिवार को कथा व्यास गोविंदाचार्य जी महाराज ने कहा कि जो निर्धन है, उसकी समस्या छोटी-छोटी हैं और उसे चिंता कम है। जबकि धनाढ्य वर्ग की समस्याएं बड़ी होती हैं और वह चिंता के चलते रात-रात भर जागते रहते हैं। उन्हें नींद नहीं आती है। छोटे लोगों में छोटी बीमारी और बड़े लोगों में बड़ी बीमारी होती है। किंतु निर्धन हो अथवा धनवान, सभी को एक दिन यह संसार छोड़कर जाना पड़ता है। उन्होंने ” छोड़कर संसार जब तू जाएगा, कोई न साथी तेरा साथ निभाएगा ” कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालु भक्तों को विदेह स्थित में पहुंचा दिया। उन्होंने नारद मुनि का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान विष्णु के परम भक्त ऋषि को अहंकार आ गया। जिससे वह भगवान की भक्ति से विमुख हो गए। भगवान विष्णु ने उनका अहंकार नष्ट कर उन्हें अभयदान प्रदान किया। उन्होंने उपदेश दिया कि जो परमात्मा से प्रेम करता है, उसका अमंगल कभी नहीं हो सकता। अंत में विमल चन्द्र शुक्ल ने भगवान कृष्ण की आरती कर प्रसाद वितरित किया।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here