अहमदाबाद: फर्जी रजिस्ट्री से 1.12 करोड़ की ठगी, दो बिल्डर भाइयों पर केस दर्ज

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अहमदाबाद। शहर के ओढव थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों के साथ करीब 1.12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। के.सी. डेवलपर्स से जुड़े दो बिल्डर भाइयों पर एक ही संपत्ति के कई लोगों के नाम दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। शिकायत के आधार पर ओढव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, सिंगरवा स्थित “स्वस्तिक हेरिटेज” परियोजना में फ्लैट, दुकान और ऑफिस उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये लिए गए। शिकायतकर्ता योगेश पटेल, जो पेशे से अकाउंटेंट हैं, ने बताया कि अगस्त 2024 में एस्टेट ब्रोकर जयेश पटेल के माध्यम से उनकी मुलाकात के.सी. डेवलपर्स के भागीदार कल्पेश मनुभाई चौहान और विनय मनुभाई चौहान से हुई थी। दोनों ने परियोजना में निवेश करने पर फ्लैट और दुकान देने का भरोसा दिलाया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने एक फ्लैट और एक दुकान का सौदा 36 लाख रुपये में किया तथा रजिस्ट्री सहित कुल 40 लाख रुपये प्राप्त कर लिए। इसके बाद उन्होंने अतिरिक्त निवेश कराने के लिए 12-12 लाख रुपये में ऑफिस और दुकान देने का लालच भी दिया। इस दौरान अन्य दुकानों और मकानों के दस्तावेज तैयार कर अलग-अलग लोगों से भी रकम वसूली गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब शिकायतकर्ता ने राज्य सरकार की वेबसाइट पर संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई। जांच में सामने आया कि चार दुकानों और पांच मकानों के दस्तावेज अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्ज थे, जबकि एक ही दुकान और एक ही मकान के दस्तावेज तीन-तीन लोगों के नाम पर तैयार किए गए थे।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूछताछ के दौरान दोनों बिल्डर भाइयों ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए एक महीने के भीतर पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन न तो पैसे वापस किए और न ही संपत्ति का कब्जा दिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अलग-अलग लोगों के साथ इसी प्रकार की धोखाधड़ी कर कुल 1.12 करोड़ रुपये की ठगी की है।
ओढव थाना पुलिस ने कल्पेश मनुभाई चौहान और विनय मनुभाई चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है तथा इस पूरे फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य संभावित पीड़ितों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है।


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