उन्नाव।बांगरमऊ नगर के प्रमुख मार्गों पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण ने आमजन का जीना दूभर कर दिया है। हरदोई-उन्नाव मार्ग और संडीला मार्ग पर दुकानदारों द्वारा सड़क तक किए गए कब्जे के कारण प्रतिदिन जाम की स्थिति बनी रहती है। सुबह से लेकर देर शाम तक वाहन रेंगते नजर आते हैं। जिससे न केवल राहगीरों को परेशानी होती है बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी रास्ता बाधित हो जाता है। नागरिकों लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। जिससे अतिक्रमण करने वालों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
नगर के हरदोई उन्नाव मार्ग, संडीला मार्ग, लखनऊ मार्ग व बिल्हौर मार्ग पर सारा दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। लेकिन मुख्य रूप से संडीला मार्ग और हरदोई मार्ग के किनारे स्थित दुकानदार अपनी अपनी दुकानों के सामने सडक पर ठेले और खोमचे लगवाते हैं और इनसे किराए के रूप में मोटी रकम वसूलते हैं। संडीला मार्ग की स्थिति और भी चिंताजनक है। क्योंकि इसी मार्ग पर तहसील कार्यालय स्थित है। रोजाना उपजिलाधिकारी और। पुलिस क्षेत्राधिकारी सहित कई जिम्मेदार अधिकारी इसी रास्ते से गुजरते हैं। लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि जब प्रशासनिक अधिकारी स्वयं इस समस्या को प्रत्यक्ष रूप से देखते हैं, तब भी कार्रवाई से बचते नजर आते हैं। इसके अलावा व्यापारियों ने सड़क के दोनों किनारों पर दुकानें फैलाकर न केवल पैदल चलने वालों के लिए जगह कम कर दी है। बल्कि कई स्थानों पर तो आधी से अधिक सड़क ही घेर ली गई है। इसके चलते दोपहिया और चारपहिया वाहनों को निकलने में भारी दिक्कत होती है। जाम के दौरान कई बार वाहन चालकों के बीच कहासुनी और विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर कभी-कभार अभियान चलाया जाता है। लेकिन वह भी केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है। कुछ समय बाद स्थिति फिर से पहले जैसी हो जाती है। नागरिकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि स्थायी समाधान के लिए सख्त कार्रवाई की जाए और नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
नगरवासियों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकट हो सकती है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के चलते सड़कों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अतिक्रमण जाम की समस्या को और गंभीर बना रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कब जागता है और नगरवासियों को जाम की परेशानी से राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।




