सरसौल/कानपुर। सरसौल विकासखंड स्थित ,महाराजपुर कस्बे में प्राचीन टीकेश्वर मंदिर परिसर में रविवार को गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति के संवर्धन को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ज्योतिषपीठाधीश्वर एवं द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान किया।
सनातन धर्म है जीवन जीने की सम्पूर्ण व्यवस्था।
अपने संबोधन में शंकराचार्य जी ने कहा कि सनातन धर्म को केवल पूजा-पाठ या कर्मकांड तक सीमित समझना भूल है।”सनातन धर्म मनुष्य के जीवन को अनुशासित, संस्कारित और मर्यादित बनाने की सम्पूर्ण व्यवस्था है। यह सिखाता है कि समाज, प्रकृति और राष्ट्र के प्रति हमारे क्या कर्तव्य हैं, उन्होंने कहा।
गौ माता से जुड़ी है भारत की अर्थव्यवस्था।
शंकराचार्य जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को अनादि काल से माता का दर्जा दिया गया है। *”कृषि व्यवस्था, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला गौवंश ही है। दूध, गोबर, गौमूत्र और बैलों की शक्ति से ही भारत का गांव आत्मनिर्भर रहा है। इसलिए गौ माता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा मिलना चाहिए उन्होंने मांग उठाई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि *”यह जनजागरण अभियान किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। यह विशुद्ध रूप से भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है।
गौ सेवा का लिया संकल्प, सचिन दीक्षित को मिली जिम्मेदारी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं, संतों और गौसेवकों ने सामूहिक रूप से गौ संरक्षण, गौ सेवा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर गौ माता समिति कानपुर की ओर से सचिन दीक्षित को “रामाधाम गौ माता” का दायित्व सौंपा गया। पूरा मंदिर परिसर “गौ माता की जय” और “सनातन धर्म की जय” के जयघोष से गूंज उठा।
*गोरखपुर से शुरू हुई है जनजागरण यात्रा*
इनके द्वारा अवगत कराया गया कि गया कि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए निकाली जा रही जनजागरण यात्रा का शुभारंभ 4 मई 2026 को गोरखपुर से हुआ था। यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न जिलों और कस्बों से होते हुए आमजन को गौ संरक्षण के प्रति जागरूक कर रही है। यात्रा का समापन पुनः गोरखपुर में होगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत समाज, सामाजिक कार्यकर्ता, गौसेवक संगठनों के पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।




