बांगरमऊ उन्नाव।बेहटा मुजावर पुलिस व उपजिलाधिकारी के लिए मुसीबत उत्पन्न करने वाले मामले को उठाते हुए एक अधिवक्ता द्वारा मुख्य मंत्री सहित कई उच्च अधिकारियों के नाम पत्र प्रेषित कर जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है।रामपाल एडवोकेट तहसील बांगरमऊ द्वारा मुख्यमंत्री,मुख्य सचिव व जी डी पी आदि उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर कर एक ज्वलंत मुद्दा उठाया गया है ।अधिवक्ता के अनुसार थाना क्षेत्र के पोहपी खेड़ा निवासी दलित महिला मिथलेश पुत्री बल्ला रैदास पर गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर द्वारा जेल से छूटने के बाद 10 सितम्बर को चढ़ाई कर हमला कर दिया इस दौरान पीड़ित ने 112 पुलिस को फोन किया इस दौरान मामला थाना पुलिस के पास पहुंचने पर थानेदार ने विपक्षी से साठगांठ कर पीड़ित के दो भाइयों को थाने बुलाकर हिरासत में ले लिया तथा उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पीड़ित की मां से 20,000 रुपए की मांग की जिसके बाद पीड़ित ने फोन द्वारा सी ओ,कप्तान व जिलाधिकारी को मामले की जानकारी भी दी किंतु अगले दिन 11 सितंबर को जब वह थाने पहुंची तो पुलिस ने अभद्र व्यवहार करते हुए 170/126/135 बी एन एस की धाराओं में कार्यवाही कर दी साथ ही थानेदार ने उपजिलाधिकारी से वार्ता कर सुनियोजित तरीके से जेल भेज दिया गया।अधिवक्ता ने पुलिस कार्यवाही को विधि विरुद्ध गिरफ्तारी बताते हुए पीड़ित के मौलिक अधिकारों का हनन करने व कानून की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा है उपजिलाधिकारी व पुलिस द्वारा की गई कानून के विरुद्ध कार्यवाही बताते हुए आगामी 15 सितंबर को जनपद मुख्यालय पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।




