उन्नाव।ग्राम विकास अधिकारी संघ (एशो0) जनपद उन्नाव की बैठक नवाबगंज पक्षी विहार में शिवदत्त तिवारी प्रांतीय संगठन मंत्री/जिला अध्यक्ष उन्नाव के अवाहन पर आयोजित हुई। जनपद के समस्त विकास खण्डों से सम्मिलित ग्राम विकास अधिकारियों ने अपने-अपने विकासखण्ड की समस्याओं को संगठन के समक्ष रखा। प्रमुख रूप से फार्मर रजिस्ट्री ,फैमिली आईडी तथा सीएम डैशबोर्ड से संबंधित समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। फार्मर रजिस्ट्री से संतृप्त किसानों की सूची दिए बिना प्रतिदिन फार्मर रजिस्ट्री करने का लक्ष्य ग्राम पंचायत सचिव पर आरोपित किए जाने के कारण पंचायती राज विभाग और ग्राम पंचायत के नियामक कार्य बाधित होने के बिंदु पर उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने पर सहमति व्यक्त की गई। इसी प्रकार पूर्ति विभाग से ग्राम पंचायत के समस्त राशन कार्ड धारकों के पारिवारिक सदस्यों का विवरण प्राप्त होने पर संतृप्त तथा छूटे हुए परिवारों की फैमिली आईडी बन सकने पर सहमति व्यक्त की गई। प्रशासनिक दबाव में पंचायत सहायकों द्वारा एकल फैमिली आईडी बना दिए जाने के कारण भविष्य में आने वाली समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पंचम तथा 15 वें वित्त में व्यय प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रतिदिन नए दिशानिर्देश से भ्रम की स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। 20 जून को 1 लाख से अधिक, 23 जून को 50000 से अधिक , 26 जून को 40000 से अधिक तथा राज्य वित्त में 10000 से अधिक धनराशि पर समीक्षा तो की जा रही है परंतु समस्त धनराशि व्यय प्रतिशत बढ़ा देने के लिए खर्च करने के बाद कर्मचारियों को देने वाले मानदेय , गौशाला केयर टेकरों को दिए जाने वाले मानदेय, पेयजल व्यवस्था हेतु आकस्मिक खर्च तथा समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों के अनुरूप अन्य आकस्मिक व्यवस्थाएं करने के लिए धनराशि का अभाव हो जाने पर कार्य बाधित होने की स्थितियों पर चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर पंचायत भवनों में लगाई जा रहे पब्लिक एड्रेस सिस्टम के मानक, गुणवत्ता तथा अधिकतम मूल्य की जानकारी न दिए जाने के कारण भविष्य में विपरीत परिस्थितियां उत्पन्न होने की संभावनाएं व्यक्त की गई। विगत वर्षों के ऑडिट हेतु ग्राम पंचायत स्तर से प्रेषित अभिलेखों को बार-बार प्रारूप बदलकर लेखा परीक्षा विभाग द्वारा अपने दायित्व से मुक्त होने के प्रयास पर गहरा रोष व्यक्त किया गया तथा लेखा परीक्षकों द्वारा उत्पीड़न, शोषण तथा अवैध वसूली के बिंदु पर सामयिक रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी। विगत बैठकों में विचारार्थ प्रस्तुत बिंदुओं पर उच्च अधिकारियों को दिए गए आश्वासन पर प्रभावी कार्यवाही न किए जाने पर उ0प्र0 शासन को जनपद की समस्याओं से अवगत कराने तथा समस्या निस्तारण हेतु दायित्व निर्धारित करने के लिए विस्तृत चर्चा हुई। प्रांतीय स्तर पर 13116 ग्राम विकास अधिकारियों के नये पद सृजन, अंतर्जनपदीय स्थानांतरण तथा संगठन द्वारा पंचायत राज विभाग से प्रस्तावित समन्वय के आधार पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पदों पर ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग को कोटा दिए जाने की मांग पर सभी सदस्यों को विश्वास में लिया गया। कोषाध्यक्ष के रिक्त पद पर श्री आकाश शुक्ला तथा मीडिया प्रभारी के पद पर श्री अमरेश मिश्रा को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया। अवर अभियंता के स्थान पर कंसल्टिंग इंजीनियर से ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत के कार्यों का मापांकन कराए जाने को बाध्यकारी किए जाने के विधिक पहलुओं पर चर्चा की गई ।आंगनबाड़ी केंद्र की तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुए बिना ही टेंडर करने तथा कार्य प्रारंभ करने के कुछ विकास खण्डों में दबाव दिए जाने की अनेक सदस्यों द्वारा जानकारी पदाधिकारियों को दी गई। चार्ज के आदान-प्रदान हेतु आवश्यक अभिलेखों की सूची तथा ग्राम पंचायत के ऑडिट में तत्कालीन प्रधान को अभी तक नोटिस निर्गत न होने पर आश्चर्य व्यक्त किया गया। वर्ष 24-25 की चरित्र प्रविष्टि को समय से फारवर्ड तथा अप्रूव न करने पर संबंधित का दायित्व निर्धारित कर कार्यवाही किए जाने की मांग की गई। डोंगल एक्सपायर होने, ओपनिंग बैलेंस की समस्या तथा तकनीकी समस्या को दूर किए बिना डीपीएम द्वारा कर्मचारियों के वेतन बाधित करने तथा नजराना लेकर वेतन आहरित करने का आदेश बनाने की प्रवृत्ति को बेनकाब करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। जनपद कार्यालय में संबद्ध कर्मचारियो के विभिन्न वायरल ऑडियो के संबंध में प्रभावी कार्यवाही करने की मांग की गई। पंचायती राज विभाग तथा प्रांतीय विकास सेवा संगठन के साथ बेहतर तालमेल तथा हितों के टकराव को नियंत्रित करने पर आम सहमति बनी। बैठक में मनोज कुमार एडीओ (ग्राम विकास),शशिकांत अवस्थी, धीरेंद्र रावत, सुमित मिश्रा, जयप्रकाश सोनकर, आयशा चौधरी, अनिल पटेल रणंजय सिंह, पवन मौर्य, शालिनी यादव,सर्वेश बाजपेई, संदीप कुमार, दीपक पाल, योगेश सिंह नीरज, शिवबरन सिंह, अमरेश वर्मा, अमित रावत आदि साथियों द्वारा अपने विचार व्यक्त किए गए।




