कानपुर। प्रदेश सरकार युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार से जोड़ने के लिए एमएसएमई योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने में जुटी है। इसी कड़ी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। शुक्रवार को उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, कानपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक की शुरुआत आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन के प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें विभागीय योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी मार्जिन मनी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, कॉमन फैसिलिटी सेंटर एवं ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है और लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैंकिंग स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके। बैठक में उत्तर प्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन नीति-2022, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्य एवं बजटीय प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। साथ ही “सरदार वल्लभभाई पटेल औद्योगिक एवं एम्प्लायमेंट जोन” तथा “एक जनपद एक व्यंजन” योजना की प्रगति की जानकारी भी साझा की गई। बैठक के अंत में आयुक्त एवं निदेशक उद्योग द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर सदस्य विधान परिषद संतोष सिंह भी उपस्थित रहे।




