उन्नाव।उत्तर प्रदेश में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उन्नाव में तापमान 41°C तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले लू का अलर्ट जारी किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पतालों में ‘कोल्ड रूम’ की तैयारी शुरू कर दी गई है।
अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में ही सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं। इससे जनजीवन पर असर साफ नजर आने लगा है। तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में वृद्धि का अनुमान है। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सुबह 11 से शहर की सड़कों पर सन्नाटा छा गया। जो शाम छह बजे के बाद दूर हुआ। सोमवार को शहर के बड़ा चौराहा, गांधी नगर तिराहा, हरदोई ओवरब्रिज पर दोपहर के समय आवाजाही कम हो गई है। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। तापमान में लगभग तीन डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही लू चलने के भी आसार हैं। इसलिए जरूरी काम होने पर ही घर से निकले। इसके अलावा शरीर को ठीक ढंग से ढककर निकले। ताकि तेज धूप से बचाव हो सके।
अस्पतालों में कोल्ड रूम बना बेड होंगे आरक्षित
पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। लू को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। साथ ही लू के रोगियों का इलाज करने के जिला अस्पताल सीएचसी-पीएचसी में कोल्ड रूम बनाकर बेड आरक्षित किए जाएंगे। कोल्ड रूम में कूलर आदि लगाए जाएंगे। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि जहां तक संभव हो दोपहर 12 से तीन बजे तक धूप में बाहर न निकलें।
बांगरमऊ अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी तक गर्मी के कारण बीमार होने वाले मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। इसको देखते एडवाइजरी जारी कर लोगों को धूप से बचाव करने के लिए आगाह किया है। उधर स्वास्थ्य विभाग ने भी लू के रोगियों के इलाज को लेकर विशेष प्रबंध शुरू कर दिए हैं। ने बताया कि लू को लेकर सीएमओ ने अलर्ट जारी किया है। सभी सीएचसी अधीक्षक व पीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वह लू के रोगियों के लिए कोल्ड रूम तैयार कराएं। इनमें एसी कूलर जो भी संभव हो लगवाए सीएचसी पर चार और पीएचसी पर दो तथा जिला अस्पताल में पांच बेड आरक्षित कराएं।
खोले जाएंगे ओआरएस काउंटर
सभी अस्पतालों में ओपीडी में आने वाले रोगियों के लिए ओआरएस काउंटर खोले जाएंगे ताकि धूप से आने वाले रोगी उसका उपयोग कर सकें। ओआरएस पैकेट उन्हें निश्शुल्क दिए जाएंगे।
फिजीशियन ने बताया, लू लगने का कारण
फिजीशियन डा. आफताब ने बताया गर्मी में शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने खतरा ज्यादा रहता है। शराब के लती, हृदय रोग, पुरानी बीमारी, मोटापा, पार्किंसन रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह वाले रोगियों को अधिक खतरा रहता है।
लू लगने के लक्षण
चेस्ट फिजीशियन डा.आफताब ने बताया कि त्वचा पर लाल दाने, पल्स तेज होना, सांस बढ़ना, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, जी मिचलाना या उल्टी आना, थकान, कमजोरी होना, चक्कर आना, पेशाब कम होना आदि लू के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि लू लगने से मस्तिष्क, हृदय पर असर होता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। इससे मृत्यु तक हो सकती है।
ऐसे करें लू से बचाव
फिजीशियन डा. सुनील कुमार राठौर ने बताया कि अधिक से अधिक पानी पियें, हल्के रंग के सूती कपड़ा पहने, गमझा, टोपी, धूप का चश्मा, छाता का प्रयोग सिर ढकने के लिए करें। धूप में काम कर रहे हैं तो सिर, चेहरा, हाथ पैरों को गीले कपड़े से ढके रहें। घर से खूब पानी पीकर निकलें, पानी साथ रखें और थोड़ी थोड़ी देर में पीते रहें। ओआरएस, लस्सी, चावल का पानी (माड़), नींबू पानी, मट्ठा आदि पिएं, दोपहर में घर के दरवाजा खिड़की बंद रखें।
यह करें प्राथमिक उपचार
लू लगने पर उस व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़े से शरीर को पोंछे या नहला दें। कुछ आराम मिलते ही नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं।
गर्मी में भूलकर न करें यह गलती
जानवरों एवं बच्चों को बंद गाड़ियों में अकेला न छोड़ें, जहां तक संभव हो दोपहर 12 से 03 बजे के मध्य धूप में जाने से बचें। अधिक प्रोटीन, बासी भोजन, बाजार की बनी चीजें, फास्ट फूड, चाट का सेवन न करें। अल्कोहल, चाय व काफी पीने से परहेज करें।




