कानपुर।स्वरूपनगर के श्री महाकालेश्वर मन्दिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर आचार्य अभिषेक शुक्ल जी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की समृद्धि तथा प्रगति उसके सच्चरित्र नागरिकों पर निर्भर होती है,अतःसन्ततिपरम्परा को यथाशक्ति बाल्यकाल से ही सच्चरित्र बनाने का प्रयास करना चाहिए,संसार में सच्चरित्र जैसी श्रेष्ठ सम्पत्ति दूसरी कोई नहीं है,शास्त्र का कथन है धन तो आता- जाता रहता है धन गया तो कुछ नहीं गया स्वास्थ्य गया तो कुछ गया पर यदि चरित्र गया तो सर्वस्व चला गया अतः हम सभी नागरिक चरित्रवान बनें,,बलि वामन संवाद, शुकरामायण एवं श्रीकृष्णावतार की कथा सुनाई और बताया कि भगवान् का अवतार होता है,जीव का जन्म होता है किसी जीव के जन्म को अवतार (अवतरण दिवस) कहना सर्वथा अनुचित है,इस अवसर पर आयोजक … ज्योतिषाचार्य नरेन्द्र शास्त्री.. सुषमा द्विवेदी, पुष्पा सिंह चौहान,नेहा मिश्रा,ममता शिवहरे,ऋषभ मिश्रा, निखिल शुक्ल, विनय बाजपेई
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