चिकारड़ा, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)। वर्षों से अतिक्रमण की जकड़ में फंसा डूंगला मुख्य मार्ग स्थित राजकीय विद्यालय का खेल मैदान आखिरकार प्रशासनिक कार्रवाई के बाद मुक्त हो गया। राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाया और मैदान को पुनः सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित कर दिया।
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी रही। एएसआई कालू सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली, जबकि राजस्व विभाग की टीम—भू-अभिलेख निरीक्षक संतोष कुमार, जितेंद्र कुमार तथा पटवारी कन्हैयालाल और मधुसूदन—ने मौके पर जमीन का सीमांकन किया। प्रशासन के सख्त रुख के चलते अतिक्रमणकारियों को पीछे हटना पड़ा।
अतिक्रमण हटाने के तुरंत बाद जेसीबी मशीनों के जरिए मैदान को समतल कराया गया। साथ ही, भविष्य में दोबारा कब्जा न हो इसके लिए मौके पर ही स्थायी सीमांकन (डोला) कर जमीन को सुरक्षित कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहनलाल किर एवं स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। नानालाल सुथार, मदनलाल खंडेलवाल, मनीष सोनी, कन्हैयालाल प्रजापत और ओमप्रकाश सुथार सहित ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मैदान लंबे समय से बच्चों के उपयोग से वंचित था। अब इसके मुक्त होने से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को खेलकूद की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।




