रुद्रप्रयाग,उत्तराखंड।14 अप्रैल आगामी केदारनाथ यात्रा 2026 को लेकर तैयारियों का जायजा लेने हेतु पुलिस महानिरीक्षक, साइबर/एसटीएफ उत्तराखण्ड नीलेश आनन्द भरणे ने जवाड़ी बाईपास से गौरीकुण्ड तक के रूट का स्थलीय निरीक्षण किया तथा केदारनाथ धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
बताया गया कि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को खुलने हैं। यात्रा से पूर्व उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा सुरक्षा, यातायात एवं पुलिस बल की तैनाती को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने मंदिर परिसर की सुरक्षा, पुलिस चौकी में आवासीय व्यवस्थाएं, रजिस्ट्रेशन काउंटर, हेलीपैड एवं यात्रा मार्ग पर पुलिस तैनाती की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गौरीकुण्ड क्षेत्र में पैदल मार्ग, घोड़ा पड़ाव, शटल सेवा एवं तप्त कुंड का निरीक्षण कर आवश्यक पुलिस प्रबंधन के निर्देश दिए गए। साथ ही सोनप्रयाग, सीतापुर पार्किंग एवं एसडीआरएफ कैम्प का निरीक्षण कर वाहनों की सुचारु एंट्री-एग्जिट व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने जानकारी दी कि यात्रा मार्ग को 3 सुपर जोन, 17 जोन एवं 47 सेक्टर में विभाजित किया गया है। यातायात प्रबंधन हेतु 2 सुपर जोन व 4 ट्रैफिक जोन बनाए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल, एनडीआरएफ, पैरामिलिट्री एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती भी की जाएगी।
आईजी ने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान ड्रोन, सीसीटीवी एवं आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए। सोशल मीडिया पर निगरानी रखते हुए अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। हेलीकॉप्टर टिकट के नाम पर होने वाली ठगी से बचाव के लिए भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
उन्होंने पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार रखें तथा उन्हें मौसम, यात्रा मार्ग एवं आवश्यक सामग्री की जानकारी दें। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए तकनीकी माध्यमों जैसे गूगल ट्रांसलेटर का उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर, प्रभारी निरीक्षक राकेंद्र कठैत, राकेश कुमार, चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह रावत सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।
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