खानकाहे सफविया में हज़रत मखदूम शाह सफी का तीन दिवसीय उर्स 5 जुलाई से, देश भर से जुटेंगे मुरीद व अकीदतमंद

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उन्नाव।जनपद के ऐतिहासिक और रूहानी तौर पर मशहूर कस्बे सफीपुर में स्थित प्रसिद्ध दरगाह खानकाहे सफविया में इस वर्ष भी हज़रत मखदूम शाह सफी रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स मुबारक बेहद अक़ीदत (श्रद्धा) और एहतराम (सम्मान) के साथ मनाया जाएगा। आगामी 5, 6 और 7 जुलाई को आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय उर्स को लेकर खानकाह की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
​ ​खानकाहे सफविया के सज्जादा नशीन हजरत नवाजिश मोहम्मद फारूकी उर्फ ‘समदी मियां’ और हजरत अफजाल मोहम्मद फारूकी सफ़वी ने संयुक्त रूप से उर्स की तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि इस मुबारक मौके पर देश के कोने-कोने से बड़ी तादाद में मुरीद (शिष्य) और अकीदतमंद (श्रद्धालु) सफीपुर हाजिरी देने आते हैं। उन्होंने कहा कि यह उर्स न केवल रूहानी इबादत का केंद्र है, बल्कि यह कौमी एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेमिसाल मिसाल भी पेश करता है। ​दरगाह के जिम्मेदारान के मुताबिक, उर्स के तीनों दिन खानकाह परिसर में विभिन्न धार्मिक व पारंपरिक रस्मों का आयोजन किया जाएगा। इसमें​सन्दल शरीफ की रस्म पर अकीदतमंदों द्वारा मजार शरीफ पर सन्दल पेश किया जाएगा। ​चादर पोशी की रस्म पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले जायरीन (तीर्थयात्री) मजार-ए-पाक पर मन्नत की चादरें चढ़ाएंगे। दिन में​महफिले शमां (कव्वाली) के प्रोग्राम में देश के मशहूर कव्वाल सूफियाना कलाम पेश कर माहौल को रूहानी रंग में सराबोर करेंगे। कुल शरीफ के मौके पर फातिहा खास में मुल्क में भाईचारे, खुशहाली और अमन-ओ-अमान के लिए विशेष दुआ मांगी जाएगी। ​सालाना उर्स में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए खानकाह प्रशासन और स्थानीय नगर पंचायत व पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। जायरीनों के रहने, खाने, पीने के साफ पानी, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। ​सज्जादा नशीन हजरत नवाजिश मोहम्मद फारूकी और हज़रत अफ़ज़ाल मोहम्मद फ़ारूक़ी सफ़वी ने सभी मुरीदों और अकीदतमंदों से अपील की है कि वे उर्स की गरिमा को बनाए रखते हुए पूरे अनुशासन के साथ कार्यक्रमों में शामिल हों और हजरत मखदूम शाह सफी रह० अलै० के आस्ताने से रूहानी फैज हासिल करें।


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