कानपुर। कानपुर के आरटीओ कार्यालय में एक मृत व्यक्ति को कागजों में जिंदा दिखाकर उसकी कार किदवई नगर में रहने वाले व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दी गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब मृतक की पत्नी खुद आरटीओ कार्यालय गाड़ी ट्रांसफर पर रोक लगाने के लिए प्रार्थना पत्र देने पहुंची। फर्जीवाड़ा पता चलते ही महिला ने थाने में बाबू के खिलाफ धोखाधड़ी करने की तहरीर दी। जांच के दौरान सामने आया कि ट्रांसफर दस्तावेजों में उनके दिवंगत पति के हस्ताक्षर दर्शाए गए हैं, जबकि उनका निधन 1 नवंबर 2022 को हो चुका था।गरिमा दुबे के अनुसार, उन्होंने स्कॉर्पियो कार संख्या UP 78 FJ 0449 को 9 लाख 30 हजार रुपये में बेचने का सौदा किया था। आरोप है कि आरोपी सिद्धार्थ शुक्ला ने 8 लाख 30 हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से दिए, जबकि बाकी 1 लाख रुपये का चेक बाउंस हो गया। पीड़िता का कहना है कि बाकी रकम मांगने पर आरोपी ने दावा किया कि वाहन पहले ही उसके नाम ट्रांसफर हो चुका है। इसके बाद जब उन्होंने दस्तावेजों की जांच कराई, तो कथित फर्जी हस्ताक्षरों और आरटीओ कार्यालय में मिलीभगत का मामला सामने आया। महिला ने आरटीओ कार्यालय के बाबू समेत संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की तहरीर पुलिस को दी है। साथ ही डीसीपी वेस्ट और आरटीओ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत वापस लेने के लिए उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और इसकी रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। यह मामला अब वाहन ट्रांसफर प्रक्रिया की पारदर्शिता और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Home CHIEF CORRESPONDENT VAIBHAV GUPTA मुर्दे ने ‘बेची’ कार! कानपुर आरटीओ में फर्जी दस्तखत से वाहन ट्रांसफर...




