कानपुर। कलेक्ट्रेट में बुधवार को आयोजित जनता दर्शन के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया। घरेलू विवाद की शिकायत लेकर पहुंची एक महिला की फरियाद के बीच उसकी 11 वर्षीय बेटी की टूटी गुल्लक की कहानी ने माहौल को कुछ पल के लिए स्तब्ध कर दिया। जाजमऊ क्षेत्र निवासी महिला अपनी दो बेटियों के साथ जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने पेश हुई। बातचीत के दौरान सामने आया कि बड़ी बेटी इस्वा खां लंबे समय से छोटी-छोटी बचत कर अपनी मिट्टी की गुल्लक भर रही थी। उसका सपना था कि वह इन पैसों से अपने लिए नया स्कूल बैग और पढ़ाई का सामान खरीदेगी।लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते उसकी गुल्लक तोड़ दी गई और उसमें जमा पैसे निकाल लिए गए। इस घटना ने मासूम के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया। जब जिलाधिकारी ने बच्ची से बातचीत की, तो उसने बताया कि वह रोज थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाकर गुल्लक में डालती थी। यह सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। बच्ची के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी, जबकि उसकी छोटी बहन चुपचाप उसके पास खड़ी रही। महिला ने आरोप लगाया कि पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित थाने को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने दोनों बच्चियों को अपने पास बुलाकर नया स्कूल बैग और मिट्टी की गुल्लक भेंट की। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद उनके हाथों से नई गुल्लक में एक हजार रुपये भी डलवाए। नया सामान मिलते ही बच्चियों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई। जिलाधिकारी ने उन्हें आगे भी बचत करने और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। जनता दर्शन में रोजाना कई शिकायतें आती हैं, लेकिन इस घटना ने वहां मौजूद लोगों के दिलों पर एक अलग ही छाप छोड़ दी।




