मानवीय गुणों से युक्त मनुष्य होता है सम्मानित – आचार्य

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कानपुर।बाबा महाकाल यज्ञ सेवा समिति रजि के तत्वावधान मे स्वरूपनगर के श्रीमहाकालेश्वर मन्दिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर आचार्य अभिषेक शुक्ल जी ने कहा कि जैसे पतंग डोर का आश्रय लेकर आकाश में ऊंचाई तक उड़ती रहती है किन्तु डोर से सम्बन्ध समाप्त होते ही वह पतित हो जाती है,उसी प्रकार मनुष्य भी जब तक सत्य,सदाचार,अहिंसा आदि मानवीय गुणों से युक्त होकर कर्तव्य का परिपालन करता हुआ जीवन पथ पर अग्रसर रहता है तभी तक उसे सफलता अधिगत होती है,किन्तु जैसे ही सदाचार रूपी डोर से उसका सम्बन्ध समाप्त होता है वह मार्गच्युत व्यक्ति नाना प्रकार के दु:खों को भोगता हुआ पतन के मार्ग पर गिर जाता है,किसी का भी उत्थान तथा पतन उसके स्वजनों के आचरण पर भी निर्भर रहता है,अतः सुजनों को सदा स्वकुल के सदस्यों को सदाचारी बनाने का प्रयास करना चाहिए,सुदामा चरित्र का पावन वर्णन करते कहा की प्राचीन गुरुकुल पद्धति नितान्त स्मरणीय और अनुकरणीय है जिस गुरुकुल में राजकुमार श्रीकृष्ण ने विद्याध्ययन किया उसी गुरुकुल में विपन्न विप्रकुलोद्भव सुदामा जी ने भी विद्या अर्जित की,जैसे नदियों में गंगा, वैष्णवों में शिव,क्षेत्रों में काशी श्रेष्ठ है उसी प्रकार पुराणों में श्रीमद्भागवत सर्वश्रेष्ठ है,इस अवसर पर पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार वर्तमान विधायक कल्याणपुर विधानसभा नीलिमा कटियार ने समिति के समस्त पदाधिकारी को स्मृति चिन्ह देकर के सम्मानित किया , बाल योगी चेतन्य अरुणपुरी जी महाराज ने सुदामा चरित्र वाले दिन ब्राह्मणों के त्याग की कथा एवं ब्राह्मणों का राष्ट्र प्रेम एवं त्याग के बारे में बतलाया आयोजक.. मन्दिर प्रबंधक ज्योतिषाचार्य नरेन्द्र शास्त्री, महामंत्री वीरेंद्र मिश्रा, उपाध्यक्ष विजयलक्ष्मी शर्मा, कोषाध्यक्ष दीपा निगम,गीता निगम, पुष्पा सिंह चौहान, अनीता अग्रवाल, सुषमा द्विवेदी,रेनू सिंहल शिवकान्ति शर्मा डॉ संध्या ठाकुर प्रेमा यादव आदि भक्त उपस्थित रहे।


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