सांसारिक पाप राशि को भस्म करती हैं भागीरथी एवं कथागङ्गा,पापराशि को भस्म करने वाली है कथागङ्गा -आचार्य अभिषेक

0
35

कानपुर।स्वरूप नगर में बाबा महाकाल यज्ञ सेवा समिति के द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर आचार्य अभिषेक शुक्ल ने कहा कि भगवान् श्रीमन्नारायण ने संसार की पापराशि को समाप्त करने के लिए दो पवित्र गङ्गाओं को प्रवाहित किया है,एक है अमृतमयी कथागङ्गा और दूसरी है पादप्रक्षालन से उद्भूत भागीरथी गङ्गा, सत्संगसेवी,विवेकीजन कर्णों के द्वारा कथागङ्गा में और शरीर के द्वारा भागीरथी गङ्गा में अवगाहन करके अपने पाप-ताप मिटा देते हैं, ज्योतिषाचार्य नरेन्द्र शास्त्री ने बताया भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर जी को उपदेशित करते हुए कहा कि जो व्यवहार स्वयं को अनुचित लगे वह व्यवहार दूसरे के साथ नहीं करें यही धर्म का सार है, जैसे स्वयं को सत्य,मान,हित,प्रशंसा,आदि का व्यवहार प्रिय लगता है,वैसा ही व्यवहार दूसरे के साथ भी करना चाहिए,यदि किसी विरोधी व्यक्ति को भी अपने अनुकूल बनाना चाहते हैं तो उसके प्रति सद्भावना रखें,भीष्म स्तुति,परीक्षित श्राप,शुकदेव आगमन की कथा का विस्तृत वर्णन सुनाया इस अवसर पर आयोजक आचार्य नरेन्द्र शास्त्री,दीपा निगम,विजयलक्ष्मी शर्मा,अजित श्रीवास्तव प्रमोद तिवारी,मनीषा तिवारी सुषमा द्विवेदी एवं विविध श्रद्धालु उपस्थित रहे।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here