क्षीर धारा ग्राम योजना के तहत 6 विकासखण्डों के 85 ग्राम चयनित

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भिण्ड,मध्यप्रदेश।प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ के तहत जिला भिण्ड के 6 विकासखण्डों के 85 ग्रामों का चयन किया गया है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विकासखण्ड स्तर पर अन्तर विभागीय समन्वय समिति का भी गठन किया गया है।
उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग भिण्ड ने बताया कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन एवं संग्रहण को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी दिशा में ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ का संचालन किया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत चयनित ग्रामों में पशु नस्ल सुधार, पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य, दुग्ध संग्रहण, हरा चारा विकास एवं गोबर अपशिष्ट प्रबंधन जैसे कार्य किए जाएंगे, जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो सके और ये ग्राम अन्य गांवों के लिए मॉडल बनें।
प्रत्येक चयनित ग्राम में एक पशु चिकित्सा अधिकारी एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो योजना से संबंधित गतिविधियों का संचालन करेंगे। साथ ही कृषि, वन एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं का भी समन्वय किया जाएगा। कृषि विभाग के माध्यम से हरा चारा विकास, बायोगैस निर्माण, जैविक खाद एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए कलेक्टर भिण्ड की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अन्तर विभागीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को उपाध्यक्ष, उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग को सचिव तथा उप संचालक कृषि विभाग को सदस्य बनाया गया है। इसी प्रकार विकासखण्ड एवं ग्राम स्तर पर भी समितियों का गठन किया गया है।
वर्तमान में जिले के सभी 85 ग्रामों में आधारभूत सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। सर्वे के दौरान पशुपालकों से संपर्क कर पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी एकत्रित की जा रही है। यह कार्य मोबाइल एप के माध्यम से संपादित किया जा रहा है।
इसी क्रम में डॉ. एस.एस. राठौर (उप संचालक) एवं डॉ. शैलेन्द्र सिंह सिसौदिया (जिला नोडल अधिकारी) द्वारा खरिका, अकाहा, पुलावली, कन्हारी एवं बरहद ग्रामों का भ्रमण कर सर्वे कार्य का निरीक्षण किया गया। साथ ही स्वसहायता समूहों से संपर्क कर योजना में सहयोग हेतु प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने विश्वास जताया कि समन्वित प्रयासों से ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी और अन्य ग्रामों के लिए प्रेरणा बनेगी।


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