बांगरमऊ, उन्नाव।जनहित याचिका (सिविल) संख्या-786/2025 ( फारूक अहमद बनाम उत्तर प्रदेश सरकार तथा अन्य) में मा० उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 11 अगस्त 2025 के अनुपालन में जनपद हरदोई की तहसील संडीला व जनपद खीरी की तहसील निघासन की भांति जनपद उन्नाव की तहसील बांगरमऊ में पोस्टमार्टम हाउस स्थापित किए जाने के संबंध में फारूक अहमद एडवोकेट ने “प्रमुख सचिव” चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं मुख्यमंत्री सहित कई अन्य उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है।
मालूम हो कि तहसील क्षेत्र के ग्राम इस्माइलपुर आंबापारा (कुर्मिन खेड़ा) निवासी उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ यश भारती अधिवक्ता व प्रमुख समाजसेवी फारूक अहमद एडवोकेट ने बांगरमऊ तहसील में पोस्टमार्टम हाउस बनवाए जाने के लिए पूर्व में मुख्यमंत्री सहित तमाम उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा था। क्योंकि थाना बांगरमऊ, थाना बेहटा मुजावर और थाना फतेहपुर 84 पुलिस द्वारा उन्नाव जिला मुख्यालय पर काफी संख्या में पोस्टमार्टम के लिए शव भेजे जाते हैं। जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना उठाना पड़ता है। बांगरमऊ तहसील मुख्यालय पर पोस्टमार्टम हाउस बन जाने से आमजन को काफी राहत मिल जाएगी। इस संबंध में कोई कार्यवाही न होने की स्थिति में फारूक अहमद एडवोकेट ने उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ में एक जनहित याचिका संख्या 786/2025 दायर की थी जिसे निर्णीत करते हुए मा० उच्च न्यायालय ने दिनांक 8 अगस्त 2025 को निर्देश पारित किया कि प्रार्थी संबंधित सक्षम अधिकारी के समक्ष अपना प्रतिवेदन उन्नाव जनपद की तहसील बांगरमऊ में पोस्टमार्टम हाउस स्थापित करने हेतु याचना करे और संबंधित सक्षम अधिकारी प्रार्थी याचना पर जनहित में प्रशासनिक आधार पर विचार करेंगे। उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश को आधार बनाकर फारूक अहमद एडवोकेट ने “प्रमुख सचिव” चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश शासन को 10 अप्रैल को पत्र लिखकर बांगरमऊ में पोस्टमार्टम हाउस स्थापित किए जाने की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री/मंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जिलाधिकारी उन्नाव तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी उन्नाव को भी प्रेषित की गई है।




