उन्नाव।कंपोजिट विद्यालय मुस्तफाबाद में छात्राओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि और वक्ता प्रसिद्ध जनरल फिजिशियन डॉ. प्रिया सिंह रहीं। उन्होंने विद्यालय की छात्राओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि “मासिक धर्म स्वच्छता कोई विलासिता नहीं, बल्कि हर महिला और किशोरी का मौलिक अधिकार है।”
डॉ. प्रिया सिंह ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आज भी मासिक धर्म को लेकर कई भ्रांतियां और सामाजिक वर्जनाएं व्याप्त हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित किया कि वे इस विषय पर चुप्पी तोड़ें और किसी भी समस्या होने पर खुलकर बात करें। उन्होंने कहा कि संक्रमण से बचने के लिए साफ-सुथरे पैड्स का उपयोग करें और हर 4-6 घंटे में इन्हें बदलें। मासिक धर्म के दौरान शरीर में आयरन की कमी हो सकती है, इसलिए हरी सब्जियां, फल और पौष्टिक आहार लें। उन्होंने उन पारंपरिक मिथकों को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ खारिज किया जो लड़कियों को इस दौरान कुछ गतिविधियों से रोकते हैं। इस्तेमाल किए गए पैड्स को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज करने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने डॉ. प्रिया सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के सत्रों से छात्राओं के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और वे अपने शरीर के प्रति अधिक जागरूक बनती हैं। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाओं को डॉ. सिंह के सामने रखा, जिनका उन्होंने अत्यंत सरल और प्रभावी ढंग से समाधान किया। उन्होंने कहा कि
”स्वच्छ नारी, स्वस्थ समाज की पहचान है।
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