फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)।खून… खौफ… और खामोशी।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में हत्या अब वारदात नहीं, ट्रेंड बनती जा रही है। एक हफ्ता… और पांचवीं लाश! इस बार निशाना बने 68 वर्षीय बुजुर्ग—गला रेता गया, शव बाग में फेंक दिया गया। सदर कोतवाली क्षेत्र की इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे जिले को दहला कर रख दिया है। सवाल ये नहीं कि हत्या कैसे हुई…?
सवाल ये है कि अपराधियों में डर क्यों नहीं है?
क्या फतेहपुर में कानून का खौफ खत्म हो चुका है?
असोथर में किसान की नृशंस हत्या,
हसवा में दोहरे हत्याकांड,मालवा में धारदार हथियार से हमला—और अब सदर कोतवाली में बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या!लगातार बहता खून…और हर बार वही भरोसा—“जल्द खुलासा होगा।” लेकिन सवाल जस का तस है—आख़िर कब रुकेगा फतेहपुर में मौत का ये सिलसिला?
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर ज़िले में एक बार फिर हत्या की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सदर कोतवाली क्षेत्र में एक बुज़ुर्ग व्यक्ति की गला रेतकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार, मृतक का शव एक बाग से बरामद किया गया है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब जिले में बीते एक सप्ताह के भीतर कई हत्याओं की खबरें दर्ज की जा चुकी हैं।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में अपराध का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां बुधवार शाम 68 वर्षीय जयराम मानसिंह की निर्मम हत्या से पूरे जिले में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि शाम करीब 4:30 बजे एक युवक उन्हें महर्षि विद्या मंदिर के समीप उनका बैग लेकर साथ ले गया था। लगभग एक घंटे बाद जब परिजनों को उनके न मिलने की सूचना मिली, तो खोजबीन के दौरान उनका शव एक बाग में पड़ा मिला।
प्रथम दृष्टया जयराम मानसिंह की हत्या गले पर धारदार हथियार से प्रहार कर की गई है। इस जघन्य वारदात ने जिले में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। खास बात यह है कि बीते एक सप्ताह के भीतर यह पांचवां हत्याकांड है, जिसने फतेहपुर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
पिछले दिनों असोथर थाना क्षेत्र में किसान की गला रेतकर हत्या, इसके बाद हसवा कस्बे में दोहरे हत्याकांड और फिर मालवा थाना क्षेत्र में चेहरे व गले पर धारदार हथियार से हमला—इन घटनाओं की कड़ी अभी थमी भी नहीं थी कि सदर कोतवाली क्षेत्र में एक और खून ने जिले को दहला दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही संदिग्धों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। जानकारों के मुताबिक, ऐसे मामलों में त्वरित जांच के साथ-साथ प्रभावी गश्त और निगरानी की ज़रूरत होती है, ताकि आम नागरिकों के बीच भरोसा बहाल किया जा सके। फिलहाल, प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह इन घटनाओं की कड़ी को तोड़ते हुए स्थिति को नियंत्रण में लाए।
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