असोहा,उन्नाव।किसानों को समय से डी ए पी और यूरिया खाद न मिल पाना चिन्ता का विषय बना हुआ है।इस समय जब किसानों को आलू,लाही,जौ गेहूं आदि की बुवाई का समय चल रहा है तो खादे सहकारी समितियों
से मिल पाना मुसीबत से कम नही है समितियों में जो खाद आती है वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। पुरवा तहसील की सहकारी समितियों में सुबह से रात तक किसान लाइन लगाए रहकर भी शाम किसानों की हितैषी भाजपा सरकार में डीएपी यूरिया खाद को लेकर मारा मारी।किसानों को समय से डीएपी यूरिया खाद न मिल पाना चिन्ता का विषय बनी हुई है इस समय जब किसानों को आलू,लाही,जौ गेहूं आदि की बुवाई का समय चल रहा है तो खादे सहकारी समितियों
से मिल पाना मुसीबत से कमनही
है समितियों में जो खाद आती है
वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान
है। पुरवा तहसील की सहकारी
समितियों में सुबह से रात तक किसान लाइन लगाए रहकर भी शाम को खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। खास बात यह है कि जो खाद समितियो में आती भी है उसमें बड़े किसानों तथा पहुंच वाले तथा दबंग किसान हावी रहते हैं।सबसे ज्यादा असोहा स्थित गोसाई खेड़ा समिति में डी ए पी तथा यूरिया खाद को लेकर मारा मारी है।यहां पर छोटे किसानों तथा कमजोर किसानों को खाद मिलना बहुत मुश्किल का काम है।फिल हाल खाद को लेकर किसान परेशान है और जिला प्रशासन के जुम्मेवार तमाशबीन है।




