असोहा, उन्नाव।क्षेत्र के अजयपुर स्थित पावनधाम में चल रहे दँसम नवदिवसीय हनुमत रुद्र महायज्ञ एवम मानस वेदांत सन्त सम्मेलन का पूर्ण आहुति व कन्या भोज के साथ समापन हुआ । पूर्ण आहुति में आहुति डालने व यज्ञशाला की फेरी लगाने में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी , वही कन्याओं को खिलाने के साथ शुरू हुआ भंडारा अनवरत चलता रहा । चल रहीं रामकथा के अंतिम।दिन प्रयाग से आये मानस मराल लहरी जी ने भक्तों को सम्बोधित कथा के माध्यम से बताया कि भौतिक पद्रार्थों से प्राप्य सुखों की अवधि छोटी होती है , शरीर और मन भगवान के प्रयोजन पूरा करने के लिये मनुष्य के जीवन के रथ के दो पहिये है ,इन्हें सही राह पर चलाकर ईश्वरत्व को प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए , यदि मार्ग से जरा भी भटके तो जीवन रूपी रथ के पहिये टूट सकते है । उन्होंने कहा काम ,क्रोध ,लोभ ,मोह ,मद ,मत्सर , अहंकार , आलस्य , हिंसा ,चोरी जैसे अवगुणों को त्याग करके ईश्वरत्व की प्राप्ति शिघ्र की जा सकती है । इस दौरान महाकाल आश्रम उज्जैन के दंडी स्वामी देवेंद्रनन्द सरस्वती महाराज ,किसान यूनियन के प्रदेश मंत्री ऋषि मिश्र ,बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ल , ब्रह्मण महासभा के अध्यक्ष विजय त्रिपाठी , पूर्व ब्लॉक प्रमुख पप्पू सिंह , प्रधान सतीश त्रिपाठी , प्रधान उमेश साहू , प्रधान प्रतिनिधि सुधीर राजपूत , प्रधान मनोज शुक्ल , प्रधान विमल शुक्ल , प्रधान पुत्तू मिश्र , प्रधान पिंटू सिंह , प्रधान दुर्गेश यादव , प्रधान दिनेश विमल , प्रधान गंगा कृष्ण मिश्र , प्राचीन्द्र मिश्र , सूरज सिंह ,गणेश त्रिपाठी, राजकिशोर त्रिवेदी, मोहित शुक्ला, सोहनलाल त्रिवेदी सुरेश यादव सहित हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया ।




