उन्नाव।उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल (पू.मा.) शिक्षक संघ, उन्नाव ने आज माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को संबोधित एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन माननीय अरुण पाठक जी के माध्यम से दिया गया, जिसमें 25 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा में रहते हुए तथा पदोन्नति हेतु टीईटी की अनिवार्यता समाप्त किए जाने की मांग उठाई गई। संघ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 23 के अंतर्गत शिक्षक भर्ती व नियुक्ति संबंधी प्रावधान लागू किए गए थे। किंतु इस अधिनियम से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू नहीं होती। इसके अंतर्गत —
1. 3 सितम्बर 2001 अथवा उसके बाद नियुक्त वे अध्यापक, जिनके पास बी.एड. अथवा विशेष बी.एड. की योग्यता है, उन्हें केवल एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त 6 माह का विशेष प्रशिक्षण करना आवश्यक है।
2. 3 सितम्बर 2001 से पूर्व नियुक्त अध्यापक भर्ती नियमों के अनुसार निर्धारित न्यूनतम योग्यता प्राप्त शिक्षक पात्र माने जाते हैं।
3. कक्षा 1 से 5 तक के बी.एड. योग्यता धारी अध्यापक, जिन्होंने पूर्व में एनसीटीई द्वारा अनुमोदित 6 माह का विशेष आधारभूत पाठ्यक्रम (विशिष्ट बीटीसी) किया है, वे भी पूर्णतया पात्र हैं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार माननीय उच्च न्यायालय को पूर्व में यह तथ्य अवगत करा चुकी है, किंतु एनसीटीई द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में इसे उचित रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया। संघ ने मांग की है कि भारत सरकार के सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से इन तथ्यों को सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी ढंग से रखा जाए तथा यदि आवश्यक हो तो अधिनियम में संशोधन किया जाए।संघ ने माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन किया कि लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों पर छाए असुरक्षा के वातावरण को समाप्त करने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार ठोस कदम उठाए।
माननीय अरुण पाठक जी ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी इस मामले में अत्यंत गंभीर और संवेदनशील हैं तथा शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कन्नौजिया, जिला अध्यक्ष कृष्ण शंकर मिश्रा, उपाध्यक्ष दिलीप अवस्थी, जिला मीडिया प्रभारी विनीत बाजपेई, अमित शर्मा तथा उन्नाव एवं कानपुर जनपद से आए अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
इस ज्ञापन से शिक्षकों में नई उम्मीद जगी है कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही करेगी।




