उन्नाव।मिर्जा इंटरनेशनल समूह के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग की छापेमारी का सिलसिला सोमवार को लगातार पांचवे दिन भी जारी रहा। इस छापेमारी में अब तक करोड़ों की कर चोरी और अवैध विदेश निवेश के दस्तावेज सामने आए हैं, जिससे समूह के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
150 से अधिक आयकर अफसरों की टीमों ने मिर्जा इंटरनेशनल के देशभर में स्थित 52 प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापे मारे थे। इन स्थानों में उन्नाव की तीन प्रमुख टेनरियां, कानपुर के 25 से ज्यादा स्थान, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा और कोलकाता भी शामिल थे। जांच में पता चला कि मिर्जा समूह की इकाइयों से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा बिना टैक्स के यूके में निवेश किया जा रहा था।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई बैंक लॉकर, संपत्तियों के दस्तावेज और नकद लेन-देन के बोगस प्रमाण मिले हैं। विशेष रूप से उन्नाव स्थित टेनरियों में नकद लेन-देन और आपसी रिश्तेदारों की कंपनी, मार्शल स्पोर्ट्स के साथ बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों की जांच की जा रही है। आयकर विभाग ने 15 से ज्यादा बैंक लॉकर की जांच की है और इनसे जुड़े दस्तावेजों में दुबई और यूके में संपत्तियों का खुलासा हुआ है।
इस मामले में कर चोरी के प्रमाण मिलने के साथ-साथ समूह की कई संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, दो-तीन साल में इस समूह ने बंपर कमाई की, लेकिन अपनी आय को कम दिखाकर टैक्स चुकाने से बचने की कोशिश की। गहनों और नकदी के रूप में 11 करोड़ रुपये की राशि अब तक बरामद की जा चुकी है, और बोगस खरीद-बिक्री के मामले भी सामने आए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी निवेश के रूट को लेकर अब मिर्जा इंटरनेशनल समूह पर बड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि बिना टैक्स के रकम भेजना गंभीर अपराध है। दस्तावेजों में बोगस लेन-देन की भी पहचान की गई है, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बना रही विदेशी निवेश, आयकर विभाग का शिकंजा बढ़ा!”




