उन्नाव।बांगरमऊ क्षेत्र के ग्राम गौरिया कलां में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस भागवताचार्य पं रामदेव तिवारी ने भगवती सती की कथा का वर्णन कर श्रद्धालु भक्तों में भक्ति भाव का संचार कर दिया। उन्होंने उपदेश दिया कि जब परिवार में पति-पत्नी के मध्य विचार नहीं मिलेंगे तो घर बिगड़ने की पूर्ण संभावना हो जाती है।
भागवताचार्य श्री तिवारी ने कहा कि भक्त ध्रुव ने मात्र 5 वर्ष की आयु में कठोर तप से भगवत प्राप्ति कर ली। यदि संतों का संग मिल जाए तो वे भागवत कथा रस पिला देंगे। जिससे हमारा जीवन कृतार्थ हो जाएगा। गजेन्द्र मोक्ष की कथा का बखान करते हुए व्यास श्री तिवारी ने कहा कि जब प्राणी अपने परिवार रिश्तेदार से आशा करता है कि वे सब हमारी मदद करेंगे। किंतु असमय आने पर सब भाग खड़े होते हैं। ऐसी स्थिति में भगवान का सहारा ही रह जाता है। परमात्मा को निष्छल भाव से पुकारने पर वे दौड़े चले आते हैं। उन्होंने कहा कि राम जी को कौन नहीं जानता है। राम जी का बाण रामबाण, राम जी का नाम रामनाम और रामजी का राज राम राज्य के रूप में जाना जाता है। उन्होंने दावा किया कि भारत की माताओं में ही भगवान के अवतार राम और कृष्ण को जन्म देने की सामर्थ्य है। हमारा भारत देश मातृभाव में समष्टि को देखता है। यह दर्शन और कहीं नहीं बल्कि यह वेदांत दर्शन है। हम भारत माता, गंगा मैया, नीम के वृक्ष में शीतला माता,महुआ में दुर्गा माता, अग्नि में होरी माता,आकाश में मन्दाकिनी माता व पाताल में भोगवती माता की पूजा करते हैं। कथा समाप्ति पर आयोजक सुभाष इंटर कालेज बांगरमऊ के प्रधानाचार्य प्रताप सिंह द्वारा भगवान बालकृष्ण की आरती कर प्रसाद वितरित किया गया।




