उन्नाव।फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र में सोमवार को दुष्कर्म पीड़िता की मां की हत्या, पीड़िता व उसके पिता को मरणासन्न करने की घटना के बाद अब पुलिस ने लीपापोती शुरू की है। एसपी ने एक दरोगा और सिपाही को निलंबित किया है। साथ ही प्रकरण की जांच सीओ को सौंपी है।घटना के बारे में पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने केवल अनुराग पाल को ही भागते हुए देखा था। घटना की जांच करने पहुंची पुलिस टीमों के सदस्यों नें भी यह बात दबी जुबान से स्वीकार की है कि प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि उन्होंने केवल अनुराग को ही भागते हुए देखा है।पुलिस का मानना है कि अनुराग ने सबसे पहले पीड़िता की मां को गोली मारी, वही बार-बार उसके खिलाफ शिकायत करती थी। इसके बाद उसने सो रही पीड़िता और उसके पिता पर हमला किया और बाद में खुद को गोली मारकर जान दे दी।पुलिस ने दुष्कर्म पीड़िता की मां और आत्महत्या करने वाले हत्यारोपी अनुराग के शव का पोस्टमार्टम कराया। उसमें दोनों की मौत गोली लगने से होने की पुष्टि हुई है। दोनों के सिर में छर्रे फंसे मिले हैं।दो महीने पहले जमानत पर छूटे सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी अनुराग पाल पांच दिन पहले तीन जुलाई को गांव गया था। दुष्कर्म पीड़िता की मां व अन्य परिजनों ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने खेत जा रही दुष्कर्म पीड़िता की छोटी बहन को बाइक से टक्कर मारी थी। उसने परिवार को खत्म करने की धमकी भी दी थी। पीड़ित परिवार ने घटना स्थल पर आये आईजी प्रशांत कुमार को बताया कि उसी दिन फतेहपुर चौरासी थाने में इसकी शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।पीड़िता की छोटी बहन ने आरोप लगाया कि पुलिस वाले उन्हीं लोगों से कहते रहे कि अनुराग गांव में दिखे तो बताना। वह कहां रह रहा है इसका पता नहीं चल पा रहा है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें पता चला था कि आरोपी दही थानाक्षेत्र में रहकर किसी फैक्टरी में काम कर रहा है। यह बात पुलिस को बताने के बाद भी पुलिस उसका पता नहीं लगा पाई और ना ही उसके खिलाफ कार्रवाई की।आरोप है कि अगर पुलिस ने सख्ती की होती और आरोपी को ठीक से डांट भी देती तो वह परिवार पर जानलेवा हमला और पीड़िता की मां की हत्या जैसी घटना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। हत्यारोपी ग्राम प्रधान का नजदीकी है। एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना ने हल्का इंचार्ज दरोगा दिलीप कुमार और हेड कांस्टेबल राजेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।और घटना की जाँच सीओ से कराई जा रही है।घटना को पुलिस हल्के में निपटाने की कोशिश कर रही है। इस संबंध में पुलिस का कहना है तहरीर के आधार पर तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।




