कानपुर नगर। कल्याणपुर क्षेत्र के कैलाश विहार स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों और पुलिस के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि नर्सिंगहोम अखाड़े में तब्दील हो गया। पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत आ गई। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि अस्पताल में भी तोड़फोड़ की गई। कैलाश विहार स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल में गौरव सिंह को बवासीर की समस्या के चलते शनिवार रात भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन ने खून की कमी बताकर दो यूनिट ब्लड चढ़ाया और ऑपरेशन की तैयारी की। सोमवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे गौरव की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सुबह सूचना पर पीआरवी और पनकी रोड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तत्काल एफआईआर और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम के बाद कार्रवाई की बात कहती रही। करीब 12 घंटे तक शव अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में रखा रहा। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन द्वारा वार्ड की बिजली काटने का भी आरोप लगा। दोपहर तक शव से दुर्गंध आने लगी, जिससे अन्य मरीजों और तीमारदारों में भी नाराजगी फैल गई। शाम को एसीपी कल्याणपुर ने भी मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। देर शाम चौकी इंचार्ज विपिन मोरल पुलिस बल के साथ पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस और परिजनों के बीच विवाद बढ़ गया। गुस्साए परिजनों और रिश्तेदारों ने पुलिस पर हमला कर दिया। आईवी स्टैंड और अस्पताल के सामान से चौकी इंचार्ज समेत पुलिसकर्मियों की पिटाई की गई। एक महिला दरोगा के पेट में चोट लगने से वह जमीन पर गिर पड़ीं। अस्पताल में कुर्सियां और दरवाजे भी तोड़ दिए गए। पुलिस ने मौके से करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में राजनीतिक दबाव की चर्चाएं भी सामने आईं। वहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष लेती रही। परिजनों ने यह भी बताया कि गौरव इससे पहले औरैया के बेला स्थित एक अस्पताल में भर्ती थे, जहां से एक दलाल के जरिए उन्हें कानपुर के इस अस्पताल में लाया गया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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