अनूपा अब नहीं कर पाएगी बातः पति को फांसी लटकता देख खुद का काटा गला

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संवाददाता,घाटमपुर। चार साल पहले से चल रहे अफेयर में 3 महीने पहले हुई लव मैरिज के बाद एक दुखद अंत। ये पति के फांसी लगाने के बाद पत्नी ने खुद का अपना गला काट लिया था उसकी जान तो बच गई, मगर सांस की नली कटने से अब अनूपा कभी बोल नहीं पाएगी। ऐसा क्या हुआ था… जो दोनों ने इतना बड़ा कदम उठा लिया, लेकिन जो वजह सामने आई, वो बेहद चौंकाने वाली थी। अनूपा कई-कई घंटे मोबाइल पर किसी से बात करती थी। जिसका विरोध जितेंद्र करता था। मगर, अनूपा मानती नहीं थी। वो किससे बात करती थी, ये परिवार वाले भी नहीं बता सके। रसूलपुर गांव में रहने वाले इंद्रपाल यादव की पत्नी का निधन हो चुका है। बड़ा बेटा अंकुश दिल्ली और सबसे छोटा बेटा पुष्पेंद्र चंडीगढ़ में नौकरी करते हैं तीसरा बेटा जितेंद्र उम्र लगभग 26 वर्ष पिता के साथ रहता था। घर से करीब 50 मीटर दूर उसकी आटा चक्की है। जितेंद्र चक्की चलाता था। इंद्रपाल खेती किसानी करते हैं। ढाई महीने पहले जितेंद्र की शादी फतेहपुर के मोहम्मदपुर की 23 साल की अनूपा यादव से हुई। इंद्रपाल ने कहा- वो 3 दिन से टेंशन में दिख रहा था। गुमसुम सा रहता था। किसी से कुछ नहीं कहता था ये अंदाजा भी नहीं था कि वो खुदकुशी कर लेगा। जब हम कमरे में दाखिल हुए तो बहू लहूलुहान पड़ी थी। बेटा फंदे पर झूल रहा था। हमें कुछ समझ ही नहीं आया। बेटे की सांस थम चुकी थीं। डाक्टरों ने कहा- बहू ही जिंदा है, उसको हैलट अस्पताल लेकर जाओ,बड़ी बहन की शादी रसूलपुर से, घर आते-जाते हुई थी जितेंद्र से मुलाकात इमरजेंसी वार्ड में अनूपा की मां विमला देवी और जितेंद्र की बुआ के बेटे दिनेश यादव ने बताया कि पहली बार जितेंद्र और अनूपा कैसे मिले थे?, अनूपा की मां ने कहा- हमारी बड़ी बेटी राधा की शादी 10 साल पहले रसूलपुर के तिलक यादव से हुई थी। अपनी बहन के घर आने-जाने के दौरान ही अनूपा और जितेंद्र मिले थे। 4 साल से दोनों बातचीत कर रहे थे। फिर प्यार हो गया, दोनों शादी करना चाहते थे। रिश्ते से हमें कोई दिक्कत भी नहीं थी। लव मैरिज थी, मगर परिवार के लोगों की सहमति के चलते अरेंज मैरिज की तरह हुई थी जितेंद्र और अनूपा के परिवार और शादी के बाद अनूपा जब से घर आई, मोबाइल पर किसी से घंटों बात करती थी। जितेंद्र को ये यह पसंद नहीं था। दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। पड़ोसियों के मुताबिक, बीते ढाई महीने में 1भी दिन ऐसा नहीं था,जब दोनों के बीच झगड़ा न हुआ हो। 3 दिन पहले भी झगड़ा हुआ, जिसके बाद जितेंद्र डिप्रेशन में चला गया। रविवार को उसने सुसाइड कर लिया।जितेंद्र के भाई ने कहा- साढू का हस्तक्षेप बढ़ा जितेंद्र के भाई पुष्पेंद्र ने कहा- इन दिनों जितेंद्र के साढू तिलक यादव का परिवार में हस्तक्षेप बढ़ गया था। जब तिलक को पता चला कि जितेंद्र उनकी साली से शादी करना चाहता है तो उसे इमोशनल ब्लैकमेल करने लगा था। जितेंद्र को शादी में फ्रिज मिली थी, तो उसने जितेंद्र से अपने लिए भी फ्रिज खरीदवाई थी। इतना ही नहीं, कहीं जाना होता था तो जितेंद्र की गाड़ी से उसे साथ लेकर जाता था। साढू तिलक ने आर्थिक रूप चोट देना शुरू कर दिया था। इस वजह से भी मेरा भाई जितेंद्र परेशान रहने लगा था। मां विमला देवी ने बताया- अनूपा ने स्टैंसिल चाकू से गर्दन काटी है। इससे सांस नली भी कट गई। अनूपा बोल नहीं पा रही है। उपचार कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि अनूपा का ऑपरेशन करना पड़ेगा। आवाज लौटना मुश्किल है। फिलहाल अनूपा लिखकर और इशारों से डॉक्टरों और परिवार के लोगों से अपनी बातें साझा करती है। उसका इलाज कर रही डॉ. आस्था ने बताया- सांस की नली कट चुकी है। दवाएं चल रही है। ड्रेसिंग के बाद उसकी हालत स्थिर है, अगर आवाज वापस नहीं आई, तो ऑपरेशन करना होगा। बहन और मां भी कर चुकी हैं सुसाइड गांव के लोगों ने बताया कि परिवार में लोग सुसाइड पहले भी कर चुके हैं। 8 साल पहले जितेंद्र की बहन ने आग लगाकर जान दी थी। करीब 10 साल पहले जितेंद्र की मां ने भी सुसाइड किया था। अब जितेंद्र ने फांसी लगाई तो परिवार में फिर से बहन और मां के मौत की दुःखद यादें ताजा होकर परिवार में फिर से दुखों का पहाड़ सा टूट पड़ा है!


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