उन्नाव।बांगरमऊ विधानसभा क्षेत्र की गंगा कटरी में किसानों की जमीन, आजीविका और पर्यावरण को बचाने के लिए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं अधिवक्ता संजीव त्रिवेदी ने बड़ा जनअभियान छेड़ दिया है। “गंगा कटरी बचाओ अभियान” के माध्यम से वे लगातार कटरी क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर किसानों और मल्लाह समुदाय की समस्याओं को उठा रहे हैं। इस अभियान ने क्षेत्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और कटरी के हजारों किसानों में उम्मीद जगा दी है।
संजीव त्रिवेदी एडवोकेट का कहना है कि गंगा कटरी केवल जमीन का टुकड़ा नहीं बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका, संस्कृति और पर्यावरण की जीवनरेखा है। लेकिन वर्षों से गंगा के कटान, बाढ़ और भू-माफियाओं के अवैध कब्जों के कारण कटरी के किसानों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को कटरी क्षेत्र के लिए विशेष योजना बनाकर किसानों को राहत देनी चाहिए। गंगा कटरी बचाओ अभियान के तहत संजीव त्रिवेदी लगातार फतेहपुर चौरासी, गंजमुरादाबाद और बांगरमऊ के कटरी बेल्ट के गांवों में जनचौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों बाद कोई नेता कटरी के मुद्दे को इतनी मजबूती से उठा रहा है और कागजी कार्रवाई के साथ-साथ जमीन पर उतरकर किसानों की लड़ाई लड़ रहा है। संजीव त्रिवेदी ने सरकार से मांग की है कि कटरी क्षेत्र में भू-माफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जों पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही गंगा के कटान से हर साल बर्बाद हो रही उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए पक्के बांध, ठोकर और तटबंध बनाए जाएं। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से परियर तक चार लेन सड़क (बंधा) का निर्माण कराया जाए, जिससे कटरी क्षेत्र को बाढ़ और कटान से सुरक्षा मिले तथा विकास का रास्ता भी खुले। इसके अलावा गंगा की धारा को नियंत्रित या मोड़ने के लिए वैज्ञानिक उपाय किए जाएं ताकि लगातार हो रहे कटान को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों की जमीन गंगा के कटान में समा चुकी है, उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था दी जानी चाहिए। साथ ही गंगा तटीय क्षेत्रों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। मीडिया से बातचीत में संजीव त्रिवेदी एडवोकेट ने कहा, “गंगा हमारी आस्था है और कटरी इस क्षेत्र की जीवन रेखा। हम भू-माफियाओं को किसानों की जमीन पर गिद्ध दृष्टि नहीं डालने देंगे। सरकार को चाहिए कि कटरी के किसानों के लिए विशेष पैकेज घोषित करे, गंगा के कटान को रोके और एक्सप्रेसवे से परियर तक चार लेन बंधा सड़क बनाकर क्षेत्र के विकास का रास्ता खोले। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, यह संघर्ष जारी रहेगा।”
संजीव त्रिवेदी के इस अभियान से स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गंगा कटरी के मुद्दे को लेकर चल रहा यह आंदोलन किसानों और मल्लाह समुदाय के बड़े वर्ग को प्रभावित कर रहा है। वहीं अभियान के दबाव के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ है और राजस्व विभाग की टीमों ने कुछ स्थानों पर जमीनों की पैमाइश शुरू कर दी है, जिससे कटरी क्षेत्र के किसानों को उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं पर अब गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा।




