नरोड़ा,काठवाड़ा।गांव काठवाड़ा में 1 मार्च को हिंदू सम्मेलन समिति के तत्वावधान में आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन के रूप में संपन्न हुआ। पूरे गांव में दिनभर धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना का वातावरण बना रहा। सम्मेलन में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे।
सम्मेलन के पूर्व गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में छोटे बच्चों से लेकर युवा, बुजुर्ग एवं मातृशक्ति की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया। पारंपरिक वेशभूषा, जयघोष और सांस्कृतिक झांकियों ने गांव को भक्ति और राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग दिया। शोभायात्रा ने समाज में एकता, समरसता और संस्कृति संरक्षण का संदेश दिया।
मुख्य कार्यक्रम में मंचासीन वक्ताओं ने हिंदू जागरूकता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों पर ओजस्वी उद्बोधन दिए। वक्ताओं ने कहा कि संस्कृति और संस्कार ही समाज की वास्तविक शक्ति हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उपस्थित जनसमूह ने वक्ताओं के विचारों का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य और देशभक्ति गीतों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। पूरे पंडाल में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष से वातावरण गूंजता रहा।
सम्मेलन का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। इसके उपरांत समरसता और एकजुटता के प्रतीक स्वरूप गांव के विभिन्न घरों से एकत्रित प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर गांव में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
काठवाड़ा गांव के लिए यह विराट हिंदू सम्मेलन एक ऐतिहासिक एवं स्मरणीय आयोजन बन गया। गांव के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता तथा सम्मेलन समिति के सुव्यवस्थित और अनुशासित प्रबंधन की सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है। ग्रामीणों ने इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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