जयपुर,राजस्थान। 31 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधन संवर्धन क्षेत्र में प्रभावी और दूरदर्शी कार्य किए जा रहे हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे प्रदेश में जल गुणवत्ता सुधार के साथ पर्यावरण संतुलन और जनकल्याण कार्यों को गति मिली है।
अब जयपुर के प्रमुख तीन बांधों कानोता, चंदलाई और नेवटा के जल को प्रदूषण मुक्त कर शुद्ध करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके लिए भारत सरकार से अधिकृत विशेषज्ञ (एजेंसी) तीनों बांधों पर विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर राज्य सरकार को शीघ्र सौपीं जाएगी। अध्ययन में विशेषज्ञ जल गुणवत्ता में सुधार, प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, जीआईएस आधारित मानचित्रण, जैव विविधता संरक्षण, जल उपचार की आधुनिक तकनीकों का उपयोग तथा स्थानीय आजीविका सृजन और पर्यावरण पर्यटन की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि से राजस्थान जल और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक सशक्त और अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभर रहा है। सरकार के अभिनव प्रयास वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सतत् भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं।
– रिपोर्ट में शामिल होगी दीर्घकालीन रूपरेखा
एजेंसी की रिपोर्ट में बांधों में जल प्रदूषण के कारणों, कहां से, कितनी मात्रा में और किस तरह का प्रदूषित जल आ रहा है आदि के बारे में बताया जाएगा। साथ ही, रोकथाम के प्रभावी उपाय, प्रदूषित जल निकास के विकल्प और बांधों को लेकर दीर्घकालीन विकास की रूपरेखा का भी उल्लेख होगा। इसके अलावा सिंचाई के लिए बांधों से जल खेतों तक पहुंचाने की व्यवस्था आवश्यक मशीनरी और जल प्रबंधन प्रणाली के बारे में बताया जाएगा। इसके अतिरिक्त बांधों पर पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। इसमें बोटिंग सुविधा, ग्रीन लैंड विकसित कर डे/नाइट टूरिज्म को प्रोत्साहन दिए जाने जैसे प्रस्ताव भी शामिल होंगे।
– अभियान में कार्यों को मिली गति
उल्लेखनीय है कि जल व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ‘वंदे गंगा‘ जल संरक्षण जन अभियान के तहत मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने रामगढ़ बांध के भराव क्षेत्र में जमा मिट्टी एवं सफाई कार्य का शुभारंभ किया गया था। इसमें स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो कि जन-सहभागिता आधारित विकास नीति का सशक्त उदाहरण है। इसके बाद पूरे प्रदेश में जल स्रोतों का संरक्षण, जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि और पारिस्थितिक संतुलन को पुनर्स्थापित करने के कार्य हुए।
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