उन्नाव।गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र से एक अत्यंत मार्मिक और हृदय विदारक मामला सामने आया है। यहां 29 वर्षीय बेचेलाल ने पारिवारिक तनाव और कथित प्रताड़ना से त्रस्त होकर सोमवार शाम 4 बजे खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि अगले ही दिन—मंगलवार रात—उनकी पत्नी काजल ने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। एक ओर घर में अंतिम संस्कार की चिता सुलग रही थी, दूसरी ओर अस्पताल में नवजीवन की किलकारी गूंज उठी।
परिवार के अनुसार, बेचेलाल की शादी मार्च 2025 में लोधनहार गांव की काजल से हुई थी। शादी के मात्र एक महीने बाद काजल गर्भवती हो गई थी। प्रसव की तैयारी के लिए बेचेलाल ने अपने पिता लालू प्रसाद से आर्थिक मदद मांगी, लेकिन आरोप है कि पिता ने पैसे देने से साफ इनकार करते हुए कहा—“एक भी पैसा नहीं दूंगा, चाहे कहीं जाकर मर जाओ।” इस बात से आहत होकर युवक ने घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अमरूद के बाग में फांसी लगा ली।
इधर, पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम बेचेलाल का अंतिम संस्कार किया गया। उसी दौरान पत्नी काजल की तबीयत अस्पताल में अचानक बिगड़ी और प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां देर रात उन्होंने बेटे को जन्म दिया। पति की मौत के सदमे से उबर न सकी काजल बच्चे को सीने से लगाते हुए लगातार रोती रहीं—परिजन भी उन्हें संभाल नहीं पा रहे थे।
घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। काजल के मायके पक्ष का आरोप है कि बेचेलाल को उसके पिता और बहनोई की प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी। वहीं बेचेलाल के पिता का कहना है कि बेटे पर ससुराल से आर्थिक दबाव डाला जा रहा था और पत्नी महंगी मांगें करती थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर विवाद भड़काने का आरोप लगाया है।
मामले की जांच जारी है। यह घटना न केवल पारिवारिक कलह की भयावह परिणति दिखाती है, बल्कि उस दर्दनाक विडंबना को भी उजागर करती है—जहां एक ही परिवार में कुछ घंटों के भीतर मौत और जन्म, दोनों एक साथ दस्तक दे जाते हैं।




