अरुणि मन्थन द्वारा आचार्यो ने यज्ञकुंड में अग्नि प्रज्ववलित कर पूजन प्रारम्भ किया ,अग्नि प्रज्वल्लित होते ही भक्तों ने यज्ञपुरुष भगवान की जय जय कार किये

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असोहा, उन्नाव।क्षेत्र के अजयपुर स्थित पावनधाम कुटीबीर बाबा में चल रहे दसम नव दिवसीय हनुमत रुद्र महायज्ञ एवं मानस वेदांत सन्त सम्मेलन के तीसरे दिन अयोध्याय से आये कुलदीप आचार्य व वेदपाठी ब्राम्हणों ने वैदिक विधि से मंत्रोच्चार करते हुए यजमानों से आरुणि मंथन कराया ,थोड़ी देर आरुणि मंथन करते ही अग्नि प्रज्ववलित हो गईं अग्नि के प्राकट्य होते ही यजमानों सहित सैकड़ों भक्त भगवान की जय जयकार करने लगे ।
वही चल रही रामकथा के तीसरे दिन चित्रकूट से आये व्यास ज्ञानेश जी ने बिना सत्संग के ज्ञान नही मिलता उन्होंने कहा कि अज्ञानी , मूढ़ व्यक्ति भी सत्संग करने से भागवत भजन करने व सुनने से कीर्तन करने से सुधर जाते हैं ।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि रावण और विभीषण एक ही कुल में जन्म लिए परन्तु रावण के कर्म आसुरी पृवत्ति के थे उसे उसके कर्मो की सजा मिली । कथा के दौरान पहुंचे पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री वीरेंद्र तिवारी ने व्यास पीठ पर माथा टेकते हुए आसिरवाद प्राप्त किया , उन्होंने लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा कि रामचरित मानस हम लोगो को यह संदेश देती है कि लोगो का आचरण कैसा होना चाहिए हम्म सभी को उसी का अनुकरण करना चाहिए । आयोजक संजय शुक्ल ने दर्जा प्राप्त मंत्री वीरेंद्र तिवारी ,नागेश्वर दुवेदी , ललित शुक्ल , शंकर दयाल दुबे ,प्रतीक दुबेआदि को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह दे कर सम्मानित किया कथा के दौरान ललित शुक्ल प्रधान भसँडॉ , अशोक तिवारी , भगवन अवस्थी , विनोद त्रिपाठी , अंकित सोनी , आकाश शुक्ल , आदित्य अवस्थी , फिरोज अहमद , विनोद गुप्ता , त्रिभुवन त्रिपाठी , रामजी गुप्ता , गणेश तिवारी , सन्दीप शुक्ल ,प्रताप सविता सहित सैकड़ों की संख्या महिला पुरुष भक्त गण उपस्थित रहे ।


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