असोहा, उन्नाव।क्षेत्र के अजय पुर गाँव स्तिथ पावन धाम कुटीबीर बाबा में चल रहे दँसम नव दिवसीय हनुमत रुद्र महायज्ञ एवम मानस वेदांत सन्त सम्मेलन के दूसरे दिन चल रही रामकथा में चित्रकूट से आये व्यास ज्ञानेश त्रिपाठी जी ने शिव विवाह प्रसङ्ग सुना भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया , कथा के दौरान उन्होंने कहा कि माँ पार्वती ने शिव जो को पाने के लिये राजमहलों का सुख छोड़ दिया कठोर तप किया , शिव जी पहली पत्नी सती के विरह में माया मोह त्याग चुके थे , पार्वती जी से भी उन्होंने किसी राजकुमार से शादी करने की बात कही परन्तु पार्वती ने अपने दृढ़ निश्चय से शिव जी को मना लिया था । शिव की बारात में भूत ,प्रेत , नाग ,बैल आदि देख कर सभी भयभीत और चिन्ततित हो गए , पार्वती की माँ मैनादेवी बहुत ही परेशान हो गई , उनकी व्याकुलता देख भूत भावन भोलेनाथ ने सुंदर रूप धारण कर लिया जिसे देख सभी प्रसन्न हो गए । आगे उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति और समर्पण से कोई भी इच्छा पूरी की जा सकती है । कथा के दौरान , हरिकेश सिंह , अनूप नारायण अवस्थी , त्रिभुवन त्रिपाठी , अनुराग सोनी ,कर्तव्य त्रिपाठी , अमन विश्वकर्मा , विकास , श्याम जी , पॉवन जी , आर्यन अवस्थी , शशांक त्रिपाठी , किसोरी वर्मा , तारा शंकर शुक्ल , राजेश शुक्ल सहित सैकड़ों की संक्या में भक्त गण उपस्थित रहे ।




