कानपुर। नगर निगम मुख्यालय, मोतीझील में पार्षदो द्वारा डा0 चन्द्रशेखर को न हटाये जाने पर के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गये। पार्षदों ने 24 जुलाई ,2025 को हुई सदन की बैठक के प्रस्ताव संख्या 67 में अतिरिक्त नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा0 चन्द्रशेखर को हटाते हुए सर्वसम्मति से इनके विरूद्ध शासन को पत्र प्रेषित किये जाने का प्रस्ताव पारित किया था, किन्तु 07 माह के बीत जाने के बाद भी डा0 चन्द्रशेखर के विरूद्ध न तो पत्र प्रेषित किया गया और न ही उनको कार्य से हटाया गया। इस प्रकरण को लेकर पार्षदो में काफी रोष व्याप्त है , जिसको लेकर धरने का आयोजन किया गया। अतिरिक्त नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ चन्द्रशेखर पूर्व में भी विवादो में घेरे में रहे है। आपको बता दे कि बअीते कुछ माह पूर्व महापौर की बैठक में देर से पहुंचने पर महापौर ने डॉ चन्द्रशेखर को बैठक से बाहर निकाल दिया था। पार्षदों ने महापौर को मांग पत्र सौंपा कर डा0 चन्द्रशेखर को तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य विभाग से हटाने, उनके विरूद्ध नगर आयुक्त द्वारा शासन को पत्र प्रेषित किया जाने के साथ ही डा0 चन्द्रशेखर के पास वरिष्ठ प्रभारी अधिकारी वर्कशाप पद का दायित्व होने के कारण स्वयं अपने हस्ताक्षर से इनोवा वाहन एवं प्रतिमाह 3000 (तीन हजार) किलोमीटर वाहन चलाये जाने का आदेश पारित किया गया, जो कि इन्हें अधिकार ही नहीं है। अपने अधिकार का गलत उपयोग करने को लेकर पार्षदो का कहना है कि किस आधार पर एवं किसके आदेश से इनोवा वाहन एवं दूरी 3000 किलोमीटर प्रतिमाह की गयी है, इसकी जॉच एक समिति से करायी जाये और इसमें पार्षदो को भी रखा जाये। धरना स्थल पर महापौर प्रर्मिला पाण्डये की मौजूदगी में नगर आयुक्त द्वारा पार्षदो को डा0 चन्द्रशेखर को स्वास्थ्य विभाग के दो जोन के स्थान पर एक जोन का प्रभारी बनाने जाने एवं अन्य मांगों पर जल्द से जल्द कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया गया। नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया। धारने में भाजपा पार्षद दल के नेता सदन नवीन पंडित, पवन पाण्डेय, नीरज वाजपेई, विकास साहू, सौरभ देव, धीरेन्द्र त्रिपाठी, जितेन्द्र कनौजिया, पवन गुप्ता, अमित गुप्ता, सुधीर यादव, अभिनव शुक्ला ‘गोलू’, राजकिशोर, वीरेन्द्र सिंह, आकर्ष वाजपेई, सुनील कुमार, मनीष मिश्रा, अनिल यादव, राम नरायण, आदर्श गुप्ता इत्यादि उपस्थित रहे।




