उन्नाव।बांगरमऊ क्षेत्र के ग्राम गौरिया कलां में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस कथा व्यास आचार्य रामदेव तिवारी ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर श्रद्धालु भक्तों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि प्यासे की तरह भागवत कथा श्रवण करें तो चारों पुरुषार्थों का प्राप्त होना सुनिश्चित है।
सुभाष इंटर कालेज बांगरमऊ के पूर्व प्रधानाचार्य प्रताप सिंह द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा अंतर्गत कथा व्यास श्री तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म प्रकृति पूजा की सीख देती है। आज हर व्यक्ति प्रकृति के दोहन में लगा हुआ है । पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। महाभारत में कहा गया है एक पीपल, एक नीम, एक बरगद, दस ईमली, एक कैथा, एक बेल, 3 आंवला, 5 आम में देवताओं का निवास है। इन पर वर्षा का जल जब गिरता है तो पत्तों से होता हुआ पृथ्वी पर आता है। तब रोपण करने वालों के पितरों को जल मिलता है और इससे हर घर का पितृ दोष समाप्त हो जाता है। गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए व्यास जी ने कहा कि देवताओं की पूजा से अधिक महत्व गाय और प्राकृतिक संपदा प्रदान करने वाले पर्वत का है। सनातन धर्म में फसल, बाग, बागीचा, नदी, पर्वत, राजमार्ग, चौराहा आदि के भी पूजन दर्शन का विधान है।




