हरिशंकर शर्मा
कानपुर। बच्चेदानी के ट्यूमर ने जच्चा बच्चा की जान खतरे में डाल दी जिसे डॉ सीमा द्विवेदी की यूनिट ने जटिल ऑपरेशन कर जच्चा बच्चा दोनो की जान बचाई। इस तरह का ऑपरेशन कर उन्होंने साबित कर दिया कि डॉक्टर ही भगवान का रूप ले कर जीवन की रक्षा करते है। आपको बता दे कि चमनगंज की 31 वर्षीय महिला 9 महीने के गर्भ के साथ जच्चा बच्चा पहुंची, उसके बच्चेदानी में एक बड़ा सा ट्यूमर था, एक बच्चा ऑपरेशन से पहले उसको हो चुका था, लेकिन इस बार ट्यूमर का आकार प्रकार बहुत बढ़कर एक किलो तक हो चुका था। जहां से ऑपरेशन कर बच्चों को निकाला जाता है वह पूरी जगह ट्यूमर ने घेर रखी थी। इसलिए अब डॉक्टरो के समक्ष चुनौती थी बिना अधिक खून बहाए बच्चे एवं बच्चेदानी को चोट पहुंचाए बिना बच्चेदानी को सुरक्षित रखते हुए बच्चे और ट्यूमर दोनों को निकाला। बच्चे को निकलते समय रास्ते में आने वाली placenta (कनाई)को काटकर बच्चे को निकलना पड़ा। आम स्थितियों में इतने बड़े ट्यूमर में बच्चेदानी निकाल दी जाती है या फिर ट्यूमर को हाथ नहीं लगाया जाता दूसरी बार ऑपरेशन कर निकाला जाता है। लेकिन डॉक्टरों की एक्सपर्ट टीम ने जिसमें डॉ सीमा द्विवेदी डॉ प्रतिमा वर्मा डॉ मोनिका चौहान आदि उपस्थित थे एक ही बार में बिना खून बहा बच्चेदानी को बचाते हुए एक किलो का ट्यूमर निकाल दिया।




