कानपूर ब्यूरो
राष्ट्रीय सैनिक छात्र सेवा परिषद संस्थापक/अध्यक्ष अंकित शुक्ला हर साल अपना जन्मदिन अनाथालयों व रेलवे-स्टेशन सड़क किनारे बैठे असहाय लोगो में जाकर मनाते आए हैं। इस बार जन्मदिन पर उन्होंने जनपद कई बड़े अस्पतालों के बाहर बैठे मरीजों के करीबी 2 हजार तीमारदारों को एक वक्त का भोजन कराया इलाज की बेहतर सुविधाएं होने के चलते अन्य जनपद से गरीब लोग अपना या अपने रिश्तेदारों का इलाज कराने यहां आते हैं लेकिन परदेस में होने के चलते उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है खासकर भोजन संबंधी परेशानी से दो-चार होना पड़ता है। इसी के मद्देनजर ‘आओ साथ चलें’ संस्था ने अस्पतालों में मरीजों के सहायकों को खाना खिलाकर जन्मदिन मनाने का अभियान जनपद के विभिन्न अस्पतालों- मधुराज और हैलेट अस्पताल के बाहर शुरू किया है कानपूर रेलवे-स्टेशन में करीब एक महीने पहले शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत अब तक मरीजों के करीब 22 हजार तीमारदारों को नि:शुल्क खाना मुहैया कराया गया है संस्था अध्यक्ष अंकित शुक्ला ने कहा कि ‘प्रसादम’ की खास बात यह है कि हर दिन खाने पर आने वाले खर्च को वह स्वयं लगाते हैं मरीजों को तो अस्पतालों से खाना मिल जाता है, लेकिन उनके तीमारदारों को खाना नहीं मिल पाता है कई साल से प्रतिदिन सांय 6 से 8 भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जैसे रेलवे-स्टेशन सड़क किनारे व अस्पताल के आसपास भूखे लोगो को भरपेट भोजन वितरण किया जाएगा तो मैं मरीजों के गरीब तीमारदारों के लिए एक वक्त के खाने का खर्च उठाऊंगा से वैसे भी गरीबों को खाना खिलाना पुण्य का काम होता है संस्था अध्यक्ष अंकित शुक्ला ने कहा कि उन्होंने गरीबों के साथ इस स्तर पर पहली बार अपने परिवार में किसी का जन्मदिन मनाया है हर साल वह छोटे अनाथालयों में जाकर वहां अपना या अपने परिवार के सदस्यों के जन्मदिन मनाते थे” संस्था के स्वयंसेवक सुनिश्चित करते हैं कि खाना जरूरतमंद को ही मिले, इसके लिए वे पहले ही शहर में जाकर तीमारदारों को टोकन वितरित कर देते हैं, जिसके आधार पर उन्हें भोजन मिलता है। RML अस्पताल के बाहर 1जनवरी को यह पहल शुरू की गई थी जबकि 26 नवम्बर से लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर यह कार्यक्रम शुरू किया गया है संस्था में 50 हजार लोग हैं लखनऊ के बलरामपुर में एक अस्पताल के बाहर भी इसी तरह का कार्यक्रम एक साल से चल रहा है जहां रोजाना मरीजों के 500 सहायकों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है और अब तक करीब साढ़े तीन लाख तीमारदारों को खाना मुहैया कराया गया है। संस्था अंकित शुक्ला ने बताया कि कई बच्चों को गोद ले कर शिक्षित बनाते हैं और शिशु से लेकर पशुओ तक की सेवा निस्वार्थ भाव से करते हैं ऐसी शक्स की जनपद व प्रदेश में चर्चा बनी ही रहती है। सक्षम लोगों से निवेदन कर इस प्रकार से सेवा करने का अनुरोध किया।




