अग्रसेन की जयंती के उपलक्ष्य पर विराट कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन।हास्य कवि सम्मेलन मे देश के प्रबुद्ध कवियों ने किया काव्य पाठ

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कानपुर ब्यूरो :

श्री अग्रवाल सभा मेस्टन रोड कानपुर नगर के तत्वावधान में महाराज अग्रसेन की 5147 वीं जंयती के उपलक्ष्य पर विराट हास्य कवि सम्मेलन जिसे लाजपत भवन में आयोजित किया गया है।
मुख्य अतिथि राजीव गर्ग व स्वागत अघ्यक्ष राकेश कुमार गर्ग व हरी ओम अग्रवाल रहे। जिसमे मुख्य रूप से पद्मश्री सम्मानित सुरेन्द्र शर्मा,अरूण जेमनी,आशीष अनल,संजय झाला,सुदीप भोला,मंजीत सिह,राधेश्याम भारती,राघिका मित्तल व कानपुर महानगर के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कवि सुरेश अवस्थी ने शिरकत किया। वहीं मंच का संचालन डाक्टर सरिता शर्मा ने किया। पी पी अग्रवाल ने बताया कि अग्रसेन समाज के उत्थान के लिये हमेशा कार्य कर रहा है। जिसमें निशुल्क एलोपैथिक व होम्योपैथिक दवा भी मिलती आ रही है। गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा तथा नेत्र शिविर लगाकर आपरेशन कराना निरन्तर जारी है। यह कार्यक्रम लाजपत भवन मे होने लगा है।
तत्पश्चात काव्य पाठ की शुरुआत में इलाहाबाद से आये कवि राधेश्याम भारतीय ने कहा कि मै भी कभी गब्बर था,वक्त ने मुझे बसंती कर दिया सुनाकर खूब वाहवाही लूटी । जबलपुर से आये कवि सुदीप भोला ने तेल करो सस्ता और कोई रास्ता नही व नमो नमो के नारे,पैरोडी गीत सुनते ही दर्शकों कोताली बजाने पर विवश कर दिया।
डाक्टर सविता शर्मा ने सरस्वती वंदना से काव्य पाठ शुरू किया। आशीष अनल की कविता देश का तिरंगा कभी झुकेगा नही के ओजस्वी गीत ने झकझोर कर रख दिया। अरूण जेमनी ने वर्तमान राजनीति और राजनेताओ पर कटाक्ष करते हुये व्यंग्य किया। पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सुरेन्द्र शर्मा ने भष्टाचार पर कटाक्ष करते हुए घरवाली पर चार लाइन सुनाई, उसके बाद कहा कि देश से भष्टाचार कभी समाप्त नही होगा।
इस कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से कमल किशोर अग्रवाल,प्रेम प्रकाश अग्रवाल,महेन्द्र कुमार अग्रवाल,महेन्द्र मोहन गुप्ता,आलोक अग्रवाल,शरद अग्रवाल,मनोज अग्रवाल आदि लोग मौजूद रहे।


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