भिण्ड, मध्यप्रदेश। पंचायत एवं ग्रामीण विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीर सिंह चौहान ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने जनपद पंचायत गोहद और लहार से जुड़े तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस में जवाब तलब किया है।
नोटिस एडीईओ जनपद पंचायत गोहद जितेन्द्र गुर्जर, उपयंत्री गोहद अरुण चकोटिया एवं उपयंत्री लहार उमेश तिवारी को जारी किए गए हैं।
🔸 समीक्षा बैठक में सामने आई लापरवाही
जारी नोटिस के अनुसार 11 अप्रैल 2026 को कलेक्टर भिण्ड द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में कार्यों की स्थिति पर असंतोष जताया गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि एडीईओ गोहद अपने क्षेत्र की पंचायतों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं।
वहीं उपयंत्री गोहद के संबंध में बताया गया कि वे बिना सूचना के अनुपस्थित रहे, जिससे उनके सेक्टर के कार्यों की समीक्षा नहीं हो सकी।
🔸 सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में भी लापरवाही
उपयंत्री लहार के कार्यक्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही सामने आई। बताया गया कि 108 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद शिकायतों का निराकरण नहीं किया गया, जो प्रशासन ने गंभीर माना है।
🔸 निलंबन की चेतावनी
सीईओ ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियमों का उल्लंघन है और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।
सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तीन दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। तय समय में जवाब नहीं देने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




