गुना,मध्यप्रदेश।कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में आज स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के 10वें संस्करण के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में पीपीटी के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया गया कि इस वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इनमें डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों की प्रतिक्रिया को प्राथमिकता, नदी किनारे स्थित शहरों के लिए विशेष प्रावधान, तटीय क्षेत्रों हेतु पृथक मैट्रिक्स, “स्वच्छ शहर जोड़ियां” के लिए नई पुरस्कार श्रेणी, खुले में शौच रोकथाम हेतु नए संकेतक शामिल हैं। साथ ही पर्यटन, हेरिटेज एवं धार्मिक स्थलों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान तथा स्कूलों में व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है।
स्वच्छ सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य शहरों में स्वच्छता मिशन को गति देना, अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार लाना, शहरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा नागरिकों को बेहतर स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष शहरों को जनसंख्या के आधार पर विभिन्न श्रेणियों—बहुत छोटे, छोटे, मध्यम, बड़े एवं मिलियन प्लस शहरों में विभाजित किया गया है। मूल्यांकन कुल 12,500 अंकों पर आधारित होगा, जिसमें 10,500 अंक सेवा स्तर एवं प्रदर्शन के लिए तथा 2,000 अंक सर्टिफिकेशन के लिए निर्धारित किए गए हैं।
मूल्यांकन के प्रमुख बिंदुओं में स्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण, संग्रहण एवं परिवहन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता तक पहुंच, उपयोगिता जल प्रबंधन, सेवाओं का मशीनीकरण, स्वच्छता के लिए जन जागरूकता, पारिस्थितिकी तंत्र एवं सौंदर्यीकरण, सफाई कर्मचारियों का कल्याण तथा नागरिक प्रतिक्रिया एवं शिकायत निराकरण शामिल हैं।
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि सभी अधिकारी एवं नागरिक मिलकर जिले और शहर को स्वच्छ बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि गुना जिले की पहचान “गुलाबों के शहर” के रूप में विकसित हो रही है, जिसके लिए विभिन्न स्थानों पर गुलाब थीम आधारित सजावट, प्रदर्शन एवं बड़े फ्लेक्स-बैनर लगाए जा सकते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि शहर के प्रमुख स्थानों एवं सभी वार्डों में एलईडी डिस्प्ले लगाए जाएं, जिनमें धार्मिक स्थलों, प्रमुख आकर्षणों एवं शहर की विशेषताओं की जानकारी प्रदर्शित हो। इससे जहां नागरिकों को जानकारी मिलेगी, वहीं नगरीय निकाय के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत भी विकसित हो सकता है।
बैठक के समापन पर कलेक्टर ने कहा कि गुना शहर को स्वच्छता में अव्वल बनाने के लिए हम सबको अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी।
बैठक में नगरीय निकाय के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।




