देहरादून,उत्तराखंड।अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में गढ़वाल और कुमाऊँ रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों सहित सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पुलिस सत्यापन, महिला सुरक्षा और ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत चल रही कार्रवाईयों पर विशेष जोर दिया गया।
समीक्षा के दौरान एडीजी ने किरायेदारों और घरेलू नौकरों के अनिवार्य सत्यापन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम 2007’ के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और सत्यापन प्रक्रिया को अभियान तक सीमित न रखकर नियमित रूप से जारी रखा जाए। उन्होंने रेजिडेंशियल अपार्टमेंट और गेटेड कॉलोनियों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने तथा उल्लंघन की स्थिति में सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि सत्यापन के दौरान संदेह होने या दस्तावेज अधूरे होने पर तत्काल ICJS पोर्टल, NCRC या NAFIS के माध्यम से तकनीकी पुष्टि की जाए। साथ ही अन्य राज्यों और जनपदों को भेजे गए सत्यापन प्रपत्रों का लगातार फॉलोअप करने पर भी जोर दिया।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर एडीजी ने ‘गौरा शक्ति मॉड्यूल’ के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिकाधिक महिलाओं व बालिकाओं के पंजीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने महिला संबंधी शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता पर निस्तारित करने को कहा। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में ‘महिला चीता पुलिस’ द्वारा नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत गुमशुदा व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की बरामदगी में पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता बरतने के निर्देश दिए गए। एडीजी ने कहा कि इस संबंध में जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए और सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
देखे फोटो।





