सरसौल,कानपुर। चैत्र नवरात्रि 2026 का पावन पर्व 19 मार्च से प्रारंभहोगा। हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जो शक्ति उपासना, आत्मशुद्धि और नववर्ष के शुभारंभ का प्रतीक है।
आचार्य पंडित निर्मल शास्त्री के अनुसार, इस वर्ष कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 06 बजकर 53 मिनट से 08 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में विधिपूर्वक घटस्थापना करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।
जो श्रद्धालु इस समय में स्थापना नहीं कर पाते, उनके लिए अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को प्रातः 06 बजकर 52 मिनट से प्रारंभ होकर 20 मार्च 2026 को प्रातः 04 बजकर 52 मिनट तक रहेगी, जिसके उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ होगा।
नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। यह समय साधना, उपवास, जप और ध्यान के लिए फलदायी माना गया है। आचार्य शास्त्री के अनुसार, श्रद्धालुओं को इस अवधि में संयम, सात्विकता और भक्ति का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
यह पावन पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नई आशा और आध्यात्मिक जागृति का संचार।
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