उन्नाव।रमजानुल मुबारक के आखिरी जुमा, जुमअतुल विदा की नमाज़ नगर व क्षेत्र की मस्जिदों में खुशू-खुज़ू के साथ अदा की गई। सुबह से ही नमाज़ियों का हुजूम मस्जिदो की ओर उमड़ पड़ा। नगर की जामा मस्जिद समेत तमाम मस्जिदो में सारी सफ़ें खचाखच भर गईं। बच्चों और नौजवानों के चेहरों पर ईदुल फितर की आमद की खुशियां साफ झलक रही थीं। वहीं बुजुर्गों के चेहरों पर रमजान के रुख़्सत होने का मलाल भी था।
नगर के मोहल्ला दरगाह शरीफ स्थित जामा मस्जिद मे नायब शहर काज़ी हाफिज फीरोज खान ने खुतबे के दौरान रमजानुल मुबारक के आखिरी अशरे की अज़मत व फज़ीलत पर तफ़सीली रौशनी डाली। उन्होंने फरमाया कि रमजान का आखिरी अशरा जहन्नम से निजात, मग़फिरत और रहमत हासिल करने का बेशकीमती वक्त है। जिसमें बंदा इबादत,तौबा-ओ-इस्तिग़फार और जिक्र-ओ-अज़कार के जरिए रब्बे करीम की क़ुर्बत हासिल कर सकता है। नायब शहर काज़ी ने शब-ए-कद्र यानी लैलतुल कद्र की अज़मत बयान करते हुए कहा कि यह मुबारक रात हजार महीनों से अफज़ल है। इस रात में की गई इबादत, तिलावत-ए-कुरआन, नफ्ल नमाज और दुआएं बारगाह-ए-इलाही में खास मक़बूल होती हैं। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि आखिरी अशरे की ताक रातों में शबेदारी करें। सदक़ा-ओ-खैरात दें और मुल्क में अमन-ओ-अमान, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ करें। खुतबे के बाद नमाजियों ने बड़ी तादाद में जुमअतुल विदा की नमाज अदा कर मुल्क व कौम की सलामती की दुआ मांगी। जामा मस्जिद में नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष इजहार खान गुड्डू, सपा नेता सलीमुर्रहमान, हाफिज रशीद खान , हाफिज आफताब खान, हाफिज जहीर, फरहान सिद्दीकी व सरकार खान आदि सहित सैकड़ो लोगो ने नमाज अदा की। इसी तरह कस्बा गंजमुरादाबाद के अलावा फतेहपुर हमजा, फतेहपुर खालसा, रघुरामपुर, नवेल, हयात नगर भौरा, मदार नगर, मऊ, सुरसैनी , आसत , भठियापुर , जोगीकोट, शीतलगंज व खम्भोली आदि गावों में भी जुम अतुल विदा की नमाज जोशो खरोश के साथ अदा की गई।
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