उन्नाव। विकास भवन स्थित सभागार में जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (नमामिगंगे) श्री विधेश की अध्यक्षता में आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण/अनिगमित सेक्टर के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (पीएलएफएस/ंएएसयूएसई) के आंकड़ों की गुणवत्ता हेतु जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वन ट्रिलियन डाॅलर की अर्थ व्यवस्था का आंकलन करने के उद्देश्य से आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण/अनिगमित सेक्टर के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (पीएलएफएस/ंएएसयूएसई) का सर्वे कराया जा रहा है। यह सर्वे जुलाई 2025 से प्रारम्भ हुआ था तथा जून 2026 तक सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। इस सर्वे को चार चक्रों में बाॅटा गया है। वर्तमान में तीसरे चरण का सर्वे किया जा रहा है। राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) के साथ सर्वेक्षण में भाग लेने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। इस सर्वे के माध्यम से प्राप्त होने वाले आकड़े विभिन्न मंत्रालयों/संगठनों और सामान्य रूप से उपयोगकर्ताओं आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेंगे। इस सर्वेक्षण का उपयोग विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्र में अनिगमित गैर कृषि उद्यमों के सकल मूल्य संवर्धन (जीवीए)/श्रमिक तथा जीवीए/उद्यम की गणना के लिए किया जायेगा। अनिगमित क्षेत्र भारतीय अर्थ व्यवस्था का एक अभिन्न अंग है इसमें न केवल बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान शामिल है बल्कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार भी पैदा होते है। देश के जीडीपी के उन्नयन के लिए यह क्षेत्र अति महत्वपूर्ण है। पहली बार किसी राज्य द्वारा जिला स्तर पर अनुमान लगाने के लिए इस सर्वेक्षण का उपयोग किया जायेगा।
इस अवसर पर समस्त खण्ड विकास अधिकारियों एवं अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आउटसोर्सिगं के माध्यम से किये जाने वाले सर्वे में अपने अपने क्षेत्रों में सहयोग प्रदान करे।
इस अवसर पर अर्थ एवं संख्याधिकारी श्रीमती सुगन्धा चतुर्वेदी, सहायक श्रमायुक्त श्री एस एन नागेश, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुश्री चित्रा शर्मा, अपर सांख्यिकीय अधिकारी रजत कुमार, विनोद कुमार साहू सहित सम्बन्धित अधिकारीगण एवं सर्वेयर व सुपरवाइजर आदि उपस्थित रहे।




