कानपुर नगर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को कैंप कार्यालय में एलपीजी गैस की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान क्रूड ऑयल, पेट्रोल-डीजल और घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एडीएम (सिविल सप्लाई) राजेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार सिंह और पेट्रोलियम कंपनियों आईओसीएल, बीपीसीएल तथा एचपीसीएल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को बताया कि जनपद में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है। वर्तमान में जनपद में एलपीजी के कुल 11,44,075 सक्रिय उपभोक्ता हैं, जिनमें आईओसीएल के 7,15,814, बीपीसीएल के 2,21,252 और एचपीसीएल के 2,07,009 उपभोक्ता शामिल हैं। सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति घरेलू सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने गैस कंपनियों को यह भी निर्देशित किया कि सिलेंडरों की आपूर्ति ‘फर्स्ट इन फर्स्ट आउट’ के आधार पर की जाए। जिस उपभोक्ता की बुकिंग पहले हुई हो, उसे प्राथमिकता के आधार पर पहले सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति उपभोक्ताओं के घर पर ही की जाएगी और ओटीपी व्यवस्था अनिवार्य रहेगी।
उपभोक्ताओं को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए गैस एजेंसी आने की आवश्यकता नहीं है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने नागरिकों से अपील की कि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनपद में घरेलू एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बैठक में बताया कि जनपद में कुल 319 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी सुचारू रूप से जारी है।




