उन्नाव।बांगरमऊ नगर के मोहल्ला गढ़ी स्थित मस्जिद में चल रही तरावीह की विशेष नमाज के दौरान 9 रमजान को कुरआन पाक मुकम्मल (पूर्ण) होने पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हाफिज मोहम्मद दिलशाद ने पूरी शिद्दत और अकीदत के साथ कुरआन पाक सुनाया।
रमजान के मुकद्दस महीने में तरावीह की नमाज का विशेष महत्व है। मोहल्ला गढ़ी की मस्जिद में इस वर्ष भी तरावीह का दौर जारी था। 9 रमजान की रात, हाफिज मोहम्मद दिलशाद ने कुरआन की आखिरी आयतें पढ़कर इसे मुकम्मल किया। हाफिज जी की मधुर आवाज और सही तलफ्फुज (उच्चारण) के साथ सुनाए गए कलाम ने नमाजियों के दिलों को सुकून पहुंचाया। कुरआन मुकम्मल होने के बाद मस्जिद में विशेष दुआ का आयोजन किया गया। दुआ के दौरान अल्लाह की बारगाह में हाथ फैलाकर नमाजियों ने अपनी खताओं की माफी मांगी। विशेष रूप से मौलाना अब्दुल मुबीन ने मुल्क की तरक्की, आपसी भाईचारे और देश में अमन-चैन व खुशहाली के लिए भावपूर्ण दुआएं मांगीं। इस दौरान उपस्थित कई अकीदतमंदों की आंखें नम दिखीं। कार्यक्रम के अंत में मस्जिद कमेटी और स्थानीय गणमान्य नागरिकों द्वारा हाफिज दिलशाद को उनकी इस उपलब्धि और सेवा के लिए फूल-मालाएं पहनाकर और नजराना पेश कर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने हाफिज जी को मुबारकबाद दी। इस अवसर पर मौलाना अब्दुल मुबीन, मौलाना गुलाम नबी, मौलाना जीशान, हाफिज युसूफ मलिक, हाफिज अल्ताफ, मौलाना रिजवान, मौलाना नसीम अख्तर सहित क्षेत्र के सैकड़ों नमाजियों के साथ-साथ मोहल्ले के जिम्मेदार लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी को शीरनी (मिठाई) वितरित की गई।




